16 September 2026 12:12 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। बीकानेर महापौर पद के लिए बीजेपी व कांग्रेस ने प्रत्याशी तय कर दिए हैं। सूचना के अनुसार कांग्रेस ने पूर्व मंत्री डॉ बीडी कल्ला के भतीजे अनिल कल्ला के नाम पर मुहर लगा दी है। लेकिन कल्ला व 50 नंबर वार्ड से जीते कांग्रेसी पार्षद नवरत्न डागा भी पर्चा भरेंगे। जबकि बहुमत से कोसों दूर रही भाजपा ने सुरेंद्र सिंह शेखावत को उम्मीदवार बनाया है।
शेखावत दो बजे नामांकन भरेंगे। हालांकि शेखावत का नामांकन लाइमलाइट व औपचारिकता से अधिक कुछ नहीं लग रहा। कारण, बीजेपी ने 27 सीटें ही हासिल की। 1 आरएलपी व 10 निर्दलीय भी जीते, लेकिन सभी बीजेपी के पाले में नहीं है। कांग्रेस के पास 42 पार्षद खुद के हैं। कुछ निर्दलीय भी साथ आ चुके हैं।
फिर पूर्व मंत्री कल्ला खुद कमान संभाले हुए हैं, ऐसे में कांग्रेस काफी मजबूत नज़र आ रही है। दूसरी ओर कुछ बीजेपी पार्षद शेखावत की कार सेवा वाले भी हैं। ऐसे में अब चमत्कारिक क्रॉस वोटिंग ही शेखावत का भाग्य चमका सकती है।
42 पार्षदों का बहुमत व कुछ निर्दलीयों का साथ कांग्रेस की बड़ी ताकत है। हालांकि कांग्रेस की ओर से अनिल कल्ला को महापौर का उम्मीदवार बनाए जाने से भी हलचल है। अभी सिंबल नहीं मिला है। एक तरफ अल्पसंख्यक और दूसरी तरफ वैश्य सदमे में हैं। मकसूद अहमद को भले ही निराशा मिली हो मगर जावेद पड़िहार को उपमहापौर बनाने के वादे ने अल्पसंख्यकों की आग बुझा दी है।
मगर वैश्य समाज को एक बार फिर दरकिनार करने की नाराज़गी बड़ा रूप ले सकती है। बता दें कि बीजेपी ने बीकानेर के वैश्य समाज को महापौर, यूआईटी चेयरमैन, जिलाध्यक्ष सहित बहुत कुछ दिया मगर कांग्रेस इस मामले में काफी पीछे रही। ख़ासतौर पर उपनगर गंगाशहर हमेशा से वंचित रहा। ऐसे में सूत्रों से यह भी बात सामने आ रही है कि कांग्रेस डागा को ही महापौर बनाएगी। वजह, कमजोर हुई कांग्रेस को वैश्य की ताकत भी चाहिए। बीजेपी ने वैश्यों को साध रखा है, ऐसे में अगर महापौर का ताज वैश्य के माथे सजा दिया गया तो आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस काफी मजबूत हो जाएगी। बहरहाल, कांग्रेस का बोर्ड बनने की तैयारी पूरी है।
बीजेपी को जनता ने दो बार मौका दिया मगर वह बीकानेर को बदहाल करने के सिवा कुछ नहीं कर पाई। इसी वजह से इस बार कांग्रेस को बहुमत मिला। अब देखना यह है कि कल्ला, डागा और शेखावत में से कौन बाजी मारता है। भारत चमत्कारों का देश है, ऐसे में क्या कोई चमत्कार शेखावत का भाग्य उदय करता है या कांग्रेस ही बोर्ड बनाती है। ख़बर लिखे जाने तक डागा नामांकन भरने पहुंच चुके थे। कल्ला भी तैयारी में थे।
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