30 July 2022 02:20 PM


ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। (रोशन बाफना) कहते हैं विद्या दान महादान होता है और विद्यार्जन में किताबों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अगर आप किसी को उपहार में भी कुछ देना चाहते हैं तो किताब से अच्छा कोई उपहार हो ही नहीं सकता। तो वहीं किताबें आपकी सच्ची व पक्की मित्र भी होती है। बीकानेर के वरिष्ठ कर सलाहकार रहे एडवोकेट स्वर्गीय हरिकिशन ओझा के परिजनों ने भी उनकी स्मृति में विद्यार्जन के महान कार्य हेतु करीब 900 किताबें बार एसोसिएशन बीकानेर को भेंट की है। एसोसिएशन के सचिव राजपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि शुक्रवार को स्वर्गीय हरिकिशन ओझा के सुपुत्र डॉ प्रकाशचंद ओझा, सुपौत्री एडवोकेट चित्रा ओझा, सुपौत्र एडवोकेट दुष्यंत ओझा ने कोर्ट परिसर में उपस्थित होकर यह पुण्य कार्य किया। स्वर्गीय हरिकिशन ओझा के परिजनों ने उनकी संपूर्ण लॉ लाइब्रेरी ही बार एसोसिएशन के लिए एसोसिएशन के अध्यक्ष व सचिव को सुपुर्द की।
एडवोकेट दुष्यंत ने बताया कि उनके दादा ने अपने 52 साल की वकालत में बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्हें उच्च न्यायालय में सबसे अधिक उपस्थित होने का अवॉर्ड भी मिला। उन्होंने बार काउंसिल के चुनाव में प्रथम वरीयता के मत प्राप्त किए।
एडवोकेट चित्रा ने बताया कि उनके दादा स्वर्गीय हरिकिशन ओझा ने अपने जीवनकाल में ही लॉ लाइब्रेरी दान करने की इच्छा जाहिर कर दी थी। वे चाहते थे कि कानून के विद्यार्थियों को सहजता से ज्ञान प्राप्त हो सके। उन्हीं की इच्छा के अनुरूप यह लाइब्रेरी बार एसोसिएशन को भेंट की गई है। इस लाइब्रेरी में कानून की हर किताब मौजूद हैं। एडवोकेट हरिश मदान ने समस्त बार एसोसिएशन की ओर से ओझा परिवार का आभार जताया।
एडवोकेट ओपी हर्ष, बिहारी सिंह राठौड़, सभापति मुमताज अली भाटी, बार कॉउंसिल ऑफ राजस्थान के पूर्व चेयरमैन कुलदीप शर्मा, मुकेश आचार्य, संजय गौतम, धीरेंद्र सिंह, बजरंग छींपा, आईटी सेल प्रभारी अनिल सोनी, मनोज विश्नोई सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता इस पुनीत कार्य के साक्षी बनें।
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