18 June 2026 10:27 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। एक ज़माना था जब भारतीय परिवार घर की बहू-बेटियों को लड़कों की बुरी नज़र से बचाकर रखते थे। फिर समाज बदला, लड़कियों को जीने की आजादी मिली, पर्दा उठा तो नज़र की बात हवा हो गई। अब खतरा यह था कि कोई लड़का बहू-बेटी को भगा ना ले जाए।
लेकिन अब समाज के समक्ष नया खतरा पैदा हो गया है। अब भारतीय परिवारों की बहू बेटियों को लड़कों के साथ साथ लड़कियों से खतरा पैदा हो गया। बल्कि लड़कियों से खतरा लड़कों की तुलना में और अधिक हो गया है।
चूंकि लड़कियों से लड़कियों का संग सामान्य मित्रता माना जाता है, ऐसे में कोई सोच भी नहीं सकता कि कब एक लड़की लड़की से ही प्रेम कर बैठेगी।
बीकानेर के गंगाशहर थाना क्षेत्र में समाज को हिला देने वाली घटना हुई है। गंगाशहर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला एक लड़की के साथ भाग गई है। गंगाशहर निवासी महिला के एक पुत्री भी है।
वह संतान के साथ गाजियाबाद निवासी लड़की के साथ भागी है। जबकि गाजियाबाद वाली लड़की कुंवारी है। पुलिस ने दोनों को लखनऊ में पकड़ा। लेकिन दोनों एक दूजे के साथ रहना चाहती है।
पता चला है कि गंगाशहर निवासी दिशा देवी शर्मा(बदला हुआ नाम) का गाजियाबाद निवासी सायरा खान(बदला हुआ नाम) से सात माह पहले टेलीग्राम पर संपर्क हुआ। दोनों में बातचीत शुरू हुई।
परिजनों के अनुसार कुछ दिनों की बात के बाद ही दिशा की बुद्धि भ्रष्ट हो गई और वह सायरा खान के चंगुल में फंस गई। धीरे धीरे बात हदों से पार हो गई, दो दिन पहले दिशा अपनी पुत्री संग गायब हो गई। पुलिस में शिकायत की गई।
पुलिस ने दिशा को ट्रेस आउट किया। लखनऊ की लोकेशन आई। पुलिस टीमें लखनऊ गईं। जहां दिशा देवी व उसकी पुत्री गाजियाबाद निवासी 22 वर्षीय सायरा खान के साथ पाई गई।
-दिशा देवी की अक्ल नहीं आई ठिकाने, घरवाले रो रहे, हो रहे पागल: दिशा देवी की इस हरकत से उसके पति सहित ससुराल व पीहर पक्ष के लोग अत्यधिक दुखी हुए हैं। परिजन सदमे में हैं, आंसू रुक नहीं रहे। समाज में अलग अलग चर्चाएं हो रही है।
दिशा लखनऊ में है। पुलिस ने समझाइश की मगर वह नहीं मानी। दिशा के पति व रिश्तेदारों ने भी समझाने की कोशिश की मगर वह नहीं मानी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों ने एक दूसरे के लिए फीलिंग्स होने की बात कही है। मगर सवाल यह है कि ये कैसी फीलिंग्स है।
-सामाजिक मर्यादाएं हुई तार तार, भूल गई पति का प्यार: दिशा देवी ने अग्नि को साक्षी मानकर एक युवक को अपना पति माना था, उसके साथ फेरे लिए थे। दोनों के एक पुत्री भी हुई।
आज उसी प्रेम को भूलकर वह 22 वर्षीय युवती सायरा खान के साथ फरार हो गई। कैसे वह सायरा के लिए इतनी पागल हो गई कि वह अपना सामाजिक भविष्य संकट में डाल बैठी।
अपनी पुत्री का भविष्य संकट में डाल बैठी। सवाल उठ रहे हैं कि कैसे एक महिला सामाजिक मर्यादाओं को भूलकर एक लड़की से ही प्यार कर बैठी।
-स्वार्थ या प्रेम: समलैंगिक प्रेम को लेकर अलग अलग चर्चाएं लंबे समय से चलती आ रही है। लेकिन सवाल यह है कि एक लड़की से लड़की का या लड़के से लड़के का प्रेम कैसे परिणय में बदल सकता है। जो अधिकार प्रकृति ने ही नहीं दिया, उसके विपरीत जाना ही क्यूं है?
जो प्रेम आपके सम्मान को नष्ट करे, वह कैसा प्रेम, यह तो स्वार्थ ही हुआ ना। जो प्रेम आपके और आपके परिवार की नज़रें झुका दो, वह कैसा प्रेम। प्रेम है तो सही दिशा दो।
समलैंगिकता पर कोर्ट में चली बहस में भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार का हवाला देते हुए समलैंगिकता सही होने का दावा किया गया था। जबकि असलियत उल्टी है। मोहिनी अवतार यह सीख भी देता है कि समलैंगिकता ग़लत है।
अगर सही होती तो भगवान विष्णु को मोहिनी अवतार ही क्यों लेना पड़ता। हालांकि मोहिनी अवतार की कथा अलग है। चूंकि यह हवाला समलैंगिकता की बहस में दिया जा चुका है, इसलिए हम यह तर्क दे रहे हैं।
बहरहाल, गंगाशहर क्षेत्र की दिशा देवी व गाजियाबाद निवासी सायरा खान से जुड़े इस मामले में अभी बहुत कुछ सामने आना बाकी है।
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