30 September 2026 10:04 AM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। शिक्षा मानव को वास्तविक मानव बनाती है। वह मानव में विवेक, नैतिकता व मानवता जैसे गुण विकसित करती है, जिससे मानव समाज समृद्ध बनता है। यह कार्य है शिक्षा के मंदिरों का। मगर जब शिक्षा के मंदिर ही शिक्षा पूर्णतया व्यवसाय समझ लें तो समाज का पतन निश्चित हो जाता है।
बीकानेर की एक स्कूल पर चंद पैसों के लिए एक छात्रा का एक साल बर्बाद कर देने का मामला सामने आया है। पीड़ित छात्रा चोपड़ा बाड़ी, गंगाशहर निवासी सुनैना सोनी पुत्री जगदीश प्रसाद ने सेंट श्री खेतेश्वर एजुकेशन सोसायटी विद्यालय के खिलाफ जिला कलेक्टर निशांत जैन को शिकायत दी है।
शिकायत की गई है कि खेतेश्वर स्कूल ने मात्र 5-7 हजार रुपए फीस के लिए छात्रा का एक वर्ष खराब कर दिया। दरअसल, सुनैना सेंट श्री खेतेश्वर की छात्रा थी। वह पारिवारिक कारणों से पैदा हुए तनाव की वजह से दसवीं की पढ़ाई ढंग से नहीं कर पाई। इसी वजह से सप्लीमेंट्री आई। फिर परीक्षा दी मगर पास नहीं हुई। ऐसे में उसे दसवीं कक्षा पुनः करनी थी। मगर स्कूल ने फीस बकाया होने की वजह से दसवीं का फॉर्म भरवाने से मना कर दिया। उसने कहा कि वह फीस धीरे धीरे चुका देगी। उसने कहा कि अगर आप नहीं पढ़ा सकते तो टीसी एवं अंकतालिका दे दीजिए ताकि मैं सरकारी स्कूल से दसवीं का फॉर्म भर सकूं। आरोप है कि स्कूल टालमटोल करता रहा। चार माह तक स्कूल द्वारा छात्रा को परेशान किया गया। अब जब दस्तावेज दिए तो प्रवेश प्रक्रिया का समय ही निकल चुका।
छात्रा का आरोप है कि स्कूल की अमानवीयता की वजह से उसका एक साल अतिरिक्त खराब हो गया है।
कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की गई है। छात्रा ने स्कूल की हर स्तर पर जांच करवाने की मांग की है। अब देखना यह है कि एक गरीब छात्रा की सुनवाई होती है या ताकतवर जीत जाते हैं।
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