15 October 2022 12:14 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। अधिक पैसा कमाने के लालची व्यापारियों द्वारा बीकानेर के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इन लालची व्यापारियों के नकली व मिलावटी माल पर शिकंजा कसने में स्वास्थ्य विभाग भी नाकाम साबित हो रहा है। शुद्ध के लिए युद्ध अभियान महज खानापूर्ति बनकर रह गया है। पिछले कुछ दिनों से बीकानेर शहर से लेकर तहसीलों तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें सैंपलिंग की कार्रवाई कर रही है। लेकिन यह पूरी प्रक्रिया इसलिए व्यर्थ है कि दीपावली तक होने वाली घटिया माल की बंपर बिक्री को रोका नहीं जा सकता।
आंतरिक सूत्रों से पता चला है कि बड़े व्यापारियों के यहां टीमें पहुंचने से पहले ही सूचना पहुंच जाती है। चालाक व्यापारी मिलावटी माल पहले ही ठिकाने लगा देते हैं। हाल ही में दूध के बड़े व्यापारी के यहां भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गई थी। मगर स्वास्थ्य विभाग के अंदर के किसी भेदी ने दूध के बादशाह को सूचना दे दी। दूध के बादशाह के एक कर्मचारी ने बताया कि टीम पहुंचने से पहले ही सेठ जी ने मिलावटी दूध ठिकाने लगवा दिया। स्वास्थ्य विभाग के लिए स्टोर में शुद्ध दूध रख दिया गया। विभाग ने सैंपल लिए। मगर ऐसी सैंपलिंग से मिलावटी दूध का भंडाफोड़ कभी हो ही नहीं सकता।
बता दें कि ये व्यापारी अलग अलग लोगों से दूध लेते हैं। इसमें मिलावट वाला दूध भी होता है, तो शुद्ध दूध भी होता है। बताया तो यह भी जा रहा है कि ग्राहकों की आंखों में धूल झोंकने के लिए बड़े दूध विक्रेताओं द्वारा दूध में केमिकल तक मिलाया जाता है।
यही हाल मावे का है। एक अनुमान के अनुसार बीकानेर में मिल रहा 80 प्रतिशत मावा नकली व मिलावटी है। यहां हनुमानगढ़ से भी मिलावटी मावा आता है, तो बीकानेर में भी बड़ी तादाद में मावा बनता है।
मिलावटी व नकली दूध तथा मावे की सत्यता महज इस तथ्य से ही साबित हो जाती है कि बीकानेर में जितना दुग्ध उत्पादन होता है उससे कई कई गुना अधिक दूध व मावा बाजार में उपलब्ध है। वहीं अन्य दुग्ध उत्पादों की गिनती अलग है।
बड़े दुकानदारों के यहां से मावे की मिठाईयों के सैंपल लेकर ईमानदारी से जांच की जाए तो अधिकतर बड़े ब्रांड्स का सच जनता के सामने आ जाएगा। रानी बाजार क्षेत्र का एक बड़ा मिठाई सप्लायर, जयपुर रोड़ पर बना एक मिष्ठान भंडार, गंगानगर चौराहे के पास बना एक पुराना व बड़ा शोरूम तो मिलावट के बादशाह माने जाते हैं। जानकारों का कहना है कि ये पुराने पापी हैं। जनता के स्वास्थ्य के साथ लगातार खिलवाड़ कर रहे हैं। पहले इस रोड़ पर जनता के पास विकल्प नहीं थे, अब कई विकल्प आ गए हैं। ऐसे नकली ब्रांड्स से आकर्षित नहीं होना ही आपके स्वास्थ्य को बचा सकता है।
जानकारों का दावा है कि दीपावली के मौके पर तो अधिकतर दुकानदार मिलावटी माल ही सप्लाई करते हैं। इस समय अगर शुद्ध मिठाई लेनी हो तो अवसर विशेष पर मिठाईयां बनाकर बेचने वाले कुछ विक्रेताओं के पास शुद्ध मिठाईयां मिल सकती है।
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