25 August 2021 08:21 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। हमारी आंखें हमारे शरीर का ऐसा अंग है जो हमें इस खूबसूरत दुनिया को देखने के लिए सक्षमता देता है। ईश्वर ने इन्हीं आंखों को ये गुण भी दिया है कि हमारी मृत्यु के बाद भी हम दुनिया को देख सकते हैं। हमारा शरीर भले ही मर जाए मगर आंखें जिंदा रह सकती है। नेत्रदान ऐसा ही एक उपाय है जिससे हमारी मौत के बाद भी हमारी आंखें इस खूबसूरत दुनिया को देखेगी। साथ ही साथ आपके मरणोपरांत किसी इंसान को भी आपकी आंखें जीने का हक देगी। इसीलिए नेत्रदान को महादान कहा जाता है।
इसी महादान के लिए जन जन को प्रेरित करने के उद्देश्य से नेत्रदान पखवाड़ा भी शुरू हो चुका है। 25 अगस्त को बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ यह पखवाड़ा 8 सितंबर तक चलेगा। बुधवार को पखवाड़े के पहले दिन नेत्रदान महादान विषयक पोस्टर का विमोचन हुआ। नेत्र रोग विभाग की वरिष्ठ आचार्य व यूनिट हैड डॉ अंजू कोचर ने इस पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर डॉ रश्मि जोशी ने बीकानेर में अब तक हुए नेत्रदान व कॉर्निया प्रत्यारोपण की प्रगति के बारे में जानकारी दी। इस दौरान विभागाध्यक्ष डॉ कल्पना जैन ने वक्तव्य देते हुए बताया कि आंख की पुतली की अपारदर्शिता के कारण अंधता आ जाती है। इस समस्या का इलाज नेत्र अथवा कॉर्निया प्रत्यारोपण से संभव है। डॉ कल्पना ने बताया कि प्रत्यारोपण में नेत्र की कमी एक बड़ी समस्या है। भारत में पुतली की पारदर्शिता के कारण अंधता के मामले अधिक हैं मगर उस अनुपात में नेत्रदान नहीं हो रहा है। इस कमी को पूरा करने के लिए सबको मिलकर काम करना होगा। संयुक्त प्रयासों से ही नेत्रदान को बढ़ावा दिया जा सकता है।
इस कार्यक्रम में आगामी दिनों में पीजी और यूजी छात्रों के द्वारा पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लेखन व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं डॉ दिनेश शर्मा द्वारा बनाई लघु फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी। बताया जा रहा है कि पखवाड़े के पहले दिन नेत्रदान के फॉर्म भरे गए हैं। आगामी 14 दिनों में अधिकतम फॉर्म भरवाने का लक्ष्य है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ जयश्री मुरली मनोहर, डॉ धन सिंह मीना, डॉ नवाब अली, डॉ अनिल चौहान, डॉ पूनम भार्गव, डॉ विमल बेनीवाल, डॉ आरिफ खान, डॉ शाहीन, डॉ मनोज, डॉ रौनक पूनिया व डॉ अंजलि आदि मौजूद रहे।


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