07 June 2026 11:38 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर।(पत्रकार रोशन बाफना की रिपोर्ट) मोबाइल का उपयोग अब इंसान के लिए खतरा बन चुका है। ऐसे लगता है जैसे हम मोबाइल के रूप में चोरों का एक एजेंट साथ लेकर घूम रहे हों। इसी मोबाइल की वजह से भारतीयों को प्रतिदिन करोड़ों रूपयों की चपत लग रही है। डिजिटल ठग और चोर बड़ी आसानी से अपने ठिकानों पर बैठे बैठे सैकड़ों हजारों किलोमीटर दूर बैठे लोगों के बैंक अकाउंट साफ कर दे रहे हैं। अश्लील फोटो वीडियो बनाकर बदनाम भी कर रहे हैं।
गंगाशहर निवासी कीर्ति नाहटा पुत्र राजेंद्र कुमार नाहटा के साथ भी ऐसी ही वारदात हुई है। अज्ञात डिजिटल चोरों ने नाहटा का मोबाइल हैक कर करीब 53 हजार रूपए की ठगी कर ली। यह मामला पूरी तरह मोबाइल हैकिंग से जुड़ा लग रहा है।
ये है पूरी कहानी: कीर्ति के अनुसार 1 जून की दोपहर को अचानक उनके मोबाइल पर मैसेज आया। पता चला कि माय जीओ एप पर उनकी आईडी अज्ञात व्यक्ति के मोटोरोला मोबाइल से लॉग-इन हुई है। इसके बाद एक के बाद एक धड़ाधड़ कई तरह के ओटीपी आए। कीर्ति ने ओटीपी किसी को भी शेयर नहीं किया, इसके बावजूद कुछ ही मिनट में माय जीओ एप पर उसकी ईमेल आईडी भी बदल दी गई। यह आईडी vijaythala4587@gmail.com थी।
आईडी चेंज होने के बाद अब नया मैसेज सिम को ई-सिम में कन्वर्ट किए जाने का मैसेज आया। देखते ही देखते सिम ई-सिम में बदल गई।
सिम बदलते ही मैसेज आया कि आपकी मोबाइल सिम दस मिनट के अंदर बंद हो जाएगी। दस मिनट सिम बंद भी हो गई।
परिवादी कीर्ति तुरंत जीओ स्टोर गया। कीर्ति का आधार कार्ड अपडेट ना होने की वजह से नयी सिम नहीं निकली। इस पर कीर्ति ने हैकर द्वारा चालू की गई ई-सिम ब्लॉक करवा दी। 24 घंटे बाद आधार अपडेट हुआ तो उसी नंबर की नयी सिम निकलवाई गई।
सिम चालू हुई तो आईसीआईसीआई सहित विभिन्न बैंकों के एप खोले। मगर कीर्ति का नंबर एप पर काम ही नहीं किया। पता चला कि हैकर्स ने बैंक एप्स पर भी नंबर बदल दिए। नंबर पुनः अपडेट करवाए गए, तब पता चला कि कीर्ति के तीन बैंक खातों से कुल 53 हजार रुपए डिजिटल रूप से चोरी किए जा चुके हैं। यह डेबिट यूटीआई अकाउंट के माध्यम से हुए बताते हैं।
-मोबाइल का क्लोन बनाकर बदल देते हैं सबकुछ: जानकारी के अनुसार मोबाइल हैकिंग के जरिए डिजिटल चोर टारगेट के मोबाइल का क्लोन बना लेते हैं। उनके पास सारी सूचनाएं चली जाती है।
ये डिजिटल चोर टारगेट आपकी विभाग आईडी से मोबाइल नंबर व आधार कार्ड नंबर आदि सारी सूचनाएं बदल देते हैं। इतना ही नहीं, कीर्ति के आधार कार्ड के साथ भी छेड़छाड़ कर ली गई।
-क्या माय जीओ एप नहीं सुरक्षित: कीर्ति के अनुसार उनके प्रकरण में माय जीओ एप का बड़ा रोल है। माय जीओ एप की समस्त सूचनाएं बदल दी गई। ऐसे में सुरक्षा के पैमाने पर माय जीओ एप शक के दायरे में आ गया है। माय जीओ एप पर ही कीर्ति के मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी सहित समस्त सूचनाएं बदली गई। माय जीओ एप के अल्टरनेट नंबर कॉलम में हैकर ने अपने नंबर 8158827140 डाल दिए।
-साईबर क्राइम रेस्पॉन्स सेल को शिकायत: कीर्ति ने बताया कि 1 जून को ही शिकायत साइबर सेल को दे दी गई थी। लेकिन उस समय अकाउंट से पैसे निकलने की बात पता नहीं थीं अगले दिन सिम चालू होने पर जब पता चला तो इस संबंध में साईबर सेल को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई। अब देखना यह है कि इस मामले में साईबर सेल क्या कुछ कर पाती है।
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