09 March 2026 10:42 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। (पत्रकार रोशन बाफना की रिपोर्ट) घरेलू व कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि के बाद अब नया संकट पैदा हो गया है। पिछले 15 दिनों में गैस की कीमतों में 62 हजार रूपए प्रति टन की वृद्धि हुई। वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 व घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रूपए की बढ़ोतरी हो चुकी है। इस समस्या से जनता जूझ ही रही थी कि अब तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी पर अघोषित समय तक रोक लगा दी है। तेल कंपनियों ने गैस एजेंसियों को मैसेज कर कमर्शियल गैस सिलेंडर के ऑर्डर ना लेने को कहा है। केवल घरेलू गैस सिलेंडर सप्लाई पर ही फोकस करने को कहा है।
मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध की वजह से ऐसा हुआ है। बता दें कि इस समय अमेरिका व इजरायल का ईरान से युद्ध चल रहा है। हालात काफी तनावपूर्ण है। दूसरी तरफ ईरान, कुवैत आदि देशों में तेल के बड़े भंडार है। भारत की अधिकतम तेल आपूर्ति इन्हीं देशों से होती है। सप्लाई बाधित होने की वजह से तेल कंपनियों ने यह रोक लगाई है।
-विवाह में खलल, होटल, रेस्टोरेंट्स व फूड इंडस्ट्रीज में तनाव: कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगने के साथ ही बीकानेर सहित संपूर्ण राजस्थान में सप्लाई बाधित हो गई। 10 से 12 मार्च तक बंपर शादियां है। ऐसे में अब वैवाहिक आयोजनों के लिए भोजन की तैयारी में भारी खलल पड़ गया है। एक कैटरर ने बताया कि 10 से 12 मार्च तक का काम ले रखा है, मगर आवश्यकता के अनुरूप कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। वहीं दूसरी ओर फूड से जुड़े छोटे कारखाने भी प्रभावित होंगे। होटल, रेस्टोरेंट व मिष्ठान भंडार भी परेशानी में आ चुके हैं।
-क्या घोषणा के साथ गायब हो गया स्टॉक या ब्लैक करने की तैयारी: अजीब बात यह है कि सोमवार दोपहर तेल कंपनियों ने सप्लाई रोकी मगर इसकी सूचना एजेंसियों को मिलने से पहले ही सब-डीलर्स ने खरीददारी तेज कर दी। बताया जा रहा है कि कुछ बड़ी एजेंसियों को दोपहर बाद तेल कंपनियों का मैसेज मिला मगर सब डीलर्स ने उससे पहले ही जमकर सिलेंडर लिए।
दूसरी ओर, सप्लाई रुकने की घोषणा के साथ ही सब डीलर्स ने विवाह समारोह आदि में सप्लाई रोक दी। कह रहे हैं कि कमर्शियल सिलेंडर ही नहीं है। सवाल यह है कि स्टॉक में पड़े सिलेंडर जमीन खा गई या आसमान निगल गया?
आशंका है कि अब कमर्शियल सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग होगी। शादियों के मद्देनजर मुंहमांगे दामों पर कमर्शियल सिलेंडर खरीदना ग्राहक की मजबूरी होगी। इसी जरूरत को भांपकर सिलेंडर विक्रेताओं द्वारा रणनीति बनाई गई है। वरना यह असंभव है कि सप्लाई पर रोक के साथ ही सिलेंडर का स्टॉक खत्म हो जाए। यह सीधे सीधे सिलेंडर माफियाओं की सक्रियता की ओर इशारा है।
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