01 October 2021 08:10 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। अणुव्रत समिति द्वारा आयोजित अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के छठे दिन को अनुशासन दिवस के रूप में मनाया गया। इसके तहत गंगाशहर के शांति निकेतन में साध्वी पावन प्रभा के सानिध्य में कार्यक्रम आयोजित हुआ। अणुव्रत समिति अध्यक्ष राजेंद्र बोथरा ने मंगलाचरण के कार्यक्रम की शुरुआत की। समिति सहमंत्री मनीष बाफना ने मुख्य वक्ता डॉ चक्रवर्ती नारायण श्रीमाली का परिचय करवाया। मंत्री भंवरलाल सेठिया ने बताया कि साध्वी पावन प्रभा ने अनुशासन की व्याख्या की। साध्वी ने कहा कि अनुशासन का सटीक अर्थ अपनी इंद्रियों व इच्छाओं पर नियंत्रण करने से है। अनुशासन के बिना इंसान समाज, परिवार, धर्मसंघ कहीं भी अपना समुचित विकास नहीं कर पाता। साध्वी उन्नतयशा ने कहा कि अनुशासन के बिना मनुष्य बहुत बार बड़ी परेशानियों से घिर जाता है। उन्होंने कहा कि अनुशासन व तेरापंथ धर्मसंघ एक दूसरे के पूरक हैं।
मुख्य वक्ता चक्रवर्ती नारायण ने कहा कि निरंतर अनुशासन के बिना हमारा व्यक्तित्व निर्माण नहीं हो सकता। संस्कार विहीन आदमी कभी विकास नहीं कर सकता। इसमें अनुशासन की अहम भूमिका है। इसी से ही सुसंस्कार आते हैं।
कार्यक्रम के अंत में जतन लाल दूगड़, तेरापंथी सभा अध्यक्ष अमरचंद सोनी, जीवराज सामसुखा व राजेंद्र बोथरा ने मुख्य वक्ता डॉ चक्रवर्ती नारायण श्रीमाली का पताका पहनाकर अभिनंदन किया। उन्हें साहित्य भेंट किया गया। इस दौरान सौ से अधिक श्रावक श्राविकाओं की उपस्थिति रही। आभार ज्ञापन किशन बैद ने किया। संचालन अनुपम सेठिया व मनीष बाफना ने किया।




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