08 May 2021 11:39 AM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। कोरोना की दूसरी लहर के संकट के बीच तीसरी लहर की आशंका से गहलोत सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। विशेषज्ञों द्वारा तीसरी लहर की आशंका व्यक्त की जा रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीसरी लहर से मुकाबले के लिए विशेष प्लानिंग करने के निर्देश दिए हैं। गहलोत ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे सीएचसी व पीएचसी स्तर तक बेड, ऑक्सीजन व अन्य संसाधनों की उपलब्धता के लिए मास्टर प्लानिंग करें। बता दें कि दूसरी लहर ने गांवों में भी तांडव मचा रखा है। ऐसे में ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा मिल सके इसलिए मास्टर प्लानिंग की जा रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार दूसरी लहर ने बड़ी जनहानि की है और तांडव जारी है। हालांकि ये आंकड़े कोविड सेंटरों में भर्ती पॉजिटिव के रूप में चिन्हित मरीजों से जुड़े हैं। अगर जनहानि के इन आंकड़ों में जांच करवाए बिना ही मरने वालों व पोस्ट कोविड मौतों को जोड़ा जाए तो सरकारी आंकड़ों से तीन गुना तक जनहानि होने का अनुमान है। दूसरी लहर की वर्तमान स्थिति ने संसाधनों को बौना साबित कर दिया है। दूसरी ओर सिस्टम को जन सहयोग भी अपेक्षाकृत बेहद कम मिल रहा है। ऐसे में दूसरी व तीसरी लहर के बीच समय ना मिलना भी बड़ा खतरा है। ऐसी स्थिति में नुकसान की आशंका भी अधिक लगती है। आमजन चाहे तो घर में रहकर संसाधनों को बौना साबित होने से बचा सकता है। शहर से गांव तक फैले कोरोना को मात देने में मुख्य भूमिका ही आमजन की होनी चाहिए। हालात यह है कि आमजन अपनी भूमिका से पल्ला झाड़ते हुए केवल सिस्टम से सवाल कर रहा है।
अगर विशेषज्ञों की आशंका सच साबित हुई तो दूसरी लहर के साथ साथ आई तीसरी लहर हमें संभलने का मौका तक नहीं देगी। हालांकि कोरोना को हराने का सबसे बड़ा समाधान अब भी हमारे पास है। बता दें कि घर में रहना ही सबसे बड़ा समाधान है। अगर सभी कुछ दिन घर पर रहे तो कोरोना फैलने की बजाय दम ही तोड़ देगा।
RELATED ARTICLES
07 November 2026 04:02 PM
29 September 2021 11:25 AM