11 September 2020 10:29 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। जहां एक तरफ प्राइवेट अस्पतालों ने संवेदनशीलता भूलकर लूट खसोट मचा रखी है वहीं वरदान हॉस्पिटल की संवेदनशीलता आज एक बेसहारा के लिए वरदान बन गई। करीब करीब मौत के मुंह में जा चुके इस मजदूर की जान बचा ली गई। दरअसल, जेएनवी कॉलोनी क्षेत्र के इस अस्पताल में एक मरीज अत्यधिक पेट दर्द की शिकायत लेकर डॉ विनोद असवाल के पास पहुंचा। असवाल ने तुरंत उसकी जांच करवाई तो पता चला कि मरीज़ के खाने की थैली में घाव है। इस वजह से अत्यधिक रक्त स्त्राव हो चुका है। उसके शरीर में केवल तीन ग्राम खून ही रह गया था। इस बीच पता चला कि मरीज़ विजयपाल का कोई रिश्तेदार नहीं है। वह अकेला ही है। ईंट के भट्टों पर काम करने वाले इस मजदूर के साथ उसकी सहकर्मी महिलाएं आईं थीं। लेकिन वरदान अस्पताल ने मानवीय धर्म निभाया और तुरंत इलाज शुरू किया। इसमें एन आर असवाल चैरिटेबल संस्था ने सहयोग किया। वहीं वरदान अस्पताल के कर्मचारी राजू व समीर ने मरीज़ को रक्त दिया। वहीं डॉ विनोद ने ट्रांसफ्यूजन कर मरीज़ की जान बचाई।
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