28 October 2022 02:31 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। बीकानेर की साईबर क्राइम रेस्पॉन्स सैल ने करीब 36 लाख के ऑनलाइन फ्रॉड की शिकार हुई श्री वुलन मिल की बिगड़ी किस्मत में सुधार की शुरुआत कर दी है। दीपावली के दिन गई लक्ष्मी का पुनः आगमन शुरू हो चुका है। आज मिल के खाते में 5 लाख 97 हजार रूपए रिफंड हो चुके हैं। वहीं गुरुवार तक 26 लाख रूपए होल्ड हो चुके थे। सैल के प्रभारी सब इंस्पेक्टर देवेंद्र सोनी ने 5 लाख 97 हजार रुपए रिफंड होने की पुष्टि की है।
बता दें कि दीपावली के दिन मिल के कर्मचारी विनोद के पास एक चेतावनी भरा मैसेज आया था। चेतावनी दी गई कि बिजली बिल बकाया होने की वजह से आपका कनेक्शन काटा जा रहा है, अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क करें। कर्मचारी ने फोन मिलाकर बिल बकाया ना होने की जानकारी दी। उसे यह नहीं पता था कि यह फर्जी कॉल है। कॉलर ने बिल अपडेट ना होने की बात कहते हुए ऐनी डेस्क से कनेक्ट करने को कहा। ऐनी डेस्क एक ऐसा ऐप है जिससे दूर कहीं भी बैठा व्यक्ति अपने कंप्यूटर पर आपके कंप्यूटर को देख और एक्सेस कर सकता है। कर्मचारी ने ऐनी डेस्क डाउनलोड किया, मिले निर्देशों के अनुसार कॉलर को अपने कंप्यूटर से जोड़ दिया। यहां तक कि बैंक अकाउंट का यूजर नेम व पासवर्ड भी दे दिया। अक्ल तब आई जब डेट ऑफ बर्थ मांगी गई। मगर तब तक देर हो चुकी थी। करीब 36 लाख रूपए डेबिट हो चुके हैं। हालांकि कर्मचारी ने फुर्ती दिखाते हुए अकाउंट फ्रिज करवाए। ऐसे में अकाउंट में पड़े करोड़ों रूपए बच गए।
साईबर क्राइम रेस्पॉन्स सैल के अनुसार जामताड़ा के गैंग ने यह ऑनलाइन वारदात की थी। शातिरों ने 36 लाख को करीब 35 से ज्यादा अलग अलग अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया। अधिकारियों के निर्देशन व प्रभारी देवेंद्र सोनी के नेतृत्व में टीम ने अथक प्रयास कर यह सफलता अर्जित की है। टीम का कहना है कि शेष राशि भी जल्द ही रिफंड करवाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि जामताड़ा साईबर क्राइम की राजधानी मानी जाती है। झारखंड के जामताड़ा पर कई वेब सीरिज व फिल्में बन चुकी है। वहीं 36 लाख की यह ठगी राजस्थान की सबसे बड़ी साईबर ठगी है। ऐसे में मामले में साईबर टीम लगातार दुगुनी मेहनत से कार्य कर रही है।
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