17 September 2026 03:07 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। यूपीआई ट्रांजेक्शन पर लागू किए गए 0.4% एमडीआर ने भारत की जनता को डरा दिया है। हालात यह है कि आज पूरे दिन में यूपीआई ट्रांजेक्शन ही घट गये। लेकिन वास्तविकता यह है कि जनता को डरने की जरूरत ही नहीं है। एमडीआर का भुगतान केवल व्यापारियों/दुकानदारों को ही करना होगा।
सरकार ने तय किया है कि पर्सन टू मर्चेंट यानी व्यक्ति(ग्राहक) द्वारा विक्रेता को किए जाने वाले दो हजार से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगेगा। लेकिन इसमें भी शर्तें जोड़ी गई है। यह एमडीआर ग्राहक को नहीं भुगतना है, यह सीधे मर्चेंट के खाते से कटेगा। इसमें भी एक अतिरिक्त शर्त जोड़ी गई है। जिस मर्चेंट के एक लाख रूपए मासिक से अधिक का टर्नओवर होगा, उसी मर्चेंट के यह चार्ज लगेगा। एक लाख तक टर्नओवर वाले मर्चेंट भी एमडीआर से मुक्त रहेंगे।
बता दें कि एमडीआर की अधिकतम सीमा भी तय की गई है। किसी भी ट्रांजेक्शन पर तीन सौ रूपए से अधिक एमडीआर नहीं काटा जा सकेगा। इसके अतिरिक्त आवश्यक सेक्टर्स जैसे रेल्वे, टेलीकम्यूनिकेशन, इंश्योरेंस, फ्यूल व एग्रीकल्चर में दो हजार से अधिक के ट्रांजेक्शन पर फ्लेट 5 रूपए एमडीआर काटा जाएगा।
वहीं म्यूचल फंड, सिक्योरिटीज व ब्रोकर से न्यूनतम 0.02% व अधिकतम 300 रूपए एमडीआर काटा जा सकेगा।उल्लेखनीय है कि एमडीआर अभी लागू नहीं हुआ है। यह 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।
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