02 August 2026 09:28 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। "नाथ, अनाथन की सुध लीजे"। महाकवि सूरदास की यह पंक्ति बीकानेर रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र में बनने जा रहे अपनाघर आश्रम हेतु किए जा रहे प्रयासों को देखकर सहज ही याद आ गई। लोकाचार के संदर्भ में देखे तो ये पंक्तियां इस तरह अर्थ देती है कि जो सक्षम है उसे असक्षम और असहाय की सुध लेनी चाहिए।
इसी भाव को लेकर बीकानेर औद्योगिक क्षेत्र की रोड़ नंबर 5 पर बनने जा रहे अपनाघर आश्रम की नींव अब जल्द ही रखी जाएगी। जिला उद्योग संघ अध्यक्ष डीपी पचीसिया के अनुसार यह आश्रम भरतपुर के प्रसिद्ध मां माधुरी बृज वारिस सेवा सदन अपनाघर की तर्ज पर बनाया जाएगा। इसमें मनोरोगी, मंदबुद्धि, बीमार, लाचार, असहाय, मूक-बधिर, बेजुबान एवं गुमनाम को आश्रय दिया जाएगा।
यहां उनकी सेवा-सुश्रुषा होगी। पचीसिया ने बताया कि इस पवित्र स्वप्न को पूरा करने के लिए स्वर्गीय शिशुपाल व पलक कामरा परिवार ने रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र में दो हजार वर्गमीटर जमीन दान की है। यह आश्रम जिला उद्योग प्रन्यास के समस्त पदाधिकारियों की प्रेरणा से बनाया जाएगा। तीन सौ से भी अधिक बिस्तर क्षमता के लिए प्रस्तावित इस आश्रम की रजिस्ट्री का कार्य पूरा हो चुका है।
पचीसिया ने कहा इस संबंध में वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिले। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले इस दल में द्वारका प्रसाद (डीपी) पचीसिया के साथ सचिन विरेंद्र किराडू, एडवोकेट राजेश लदरेचा व अरविंद चौधरी शामिल थे।
पचीसिया के अनुसार उन्होंने मुख्यमंत्री से आश्रम से संबंधित कुछ मांगे रखी थी, जिससे जनता का पूरा पैसा आश्रम में ही लग सके। पचीसिया के अनुसार रीको के क्षेत्राधिकार वाली इस भूमि को औद्योगिक से आवासीय में हस्तांतरित करवाने, भू विभाजन करवाने तथा रजिस्ट्री में लगी हुई स्टांप ड्यूटी में छूट करवाने हेतु मुख्यमंत्री से बात की गई है।
यह संस्था लाभ नहीं कमाती इसलिए अलाभकारी संस्थाओं को मिलने वाले लाभ इस संस्था को भी मिले। मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि इस आश्रम में भोजनशाला, प्राकृतिक उपचार केन्द्र, ध्यान एवं योग केंद्र तथा सत्संग भवन भी बनाया जाएगा। पचीसिया ने मुख्यमंत्री को बताया कि हमारी संस्था 80जी व सीएसआर में रजिस्टर्ड है। वहीं इस संबंध में सामाजिक सुरक्षा प्रोत्साहन योजना 2023 के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जयपुर को आवेदन किया जा चुका है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री इस मामले में मदद करते हैं या दूसरे मुद्दों व बातों की तरह ये बात भी गौण हो जाती है।

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