01 October 2026 10:18 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। सरकारी महकमों का तानाशाही रवैया बढ़ता ही जा रहा है। आए दिन प्रशासन की तानाशाही और पुलिस की राठौड़ी के उदाहरण सामने आ रहे हैं। अब बीकानेर के कोतवाली थाने में अधिवक्ता से मारपीट का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत एसपी बीकानेर से लेकर बार काउंसिल ऑफ राजस्थान तक पहुंची है। पीड़ित अधिवक्ता द्वारका प्रसाद चावला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ये है मामला: बीकानेर कोर्ट में प्रेक्टिस कर रहे एडवोकेट द्वारका प्रसाद का कहना है कि उनके भाई का उनके पड़ोसी रसीद राठौड़ से विवाद चल रहा है। उनके घर पर पत्थर फेंका गया था। इसी की शिकायत लेकर वह 27 सितंबर सुबह 8 बजे अपने भाई बद्री प्रसाद के साथ कोतवाली थाने गए। जहां रसीद पहले से ही मौजूद था। पुलिस को शिकायत की तो शिकायत नहीं सुनी उनको ही धमकाने लगे।
द्वारका प्रसाद का आरोप है कि जुबेर नाम का पुलिसकर्मी उसे खींचता हुआ एच एम कार्यालय ले गया। जहां जुबेर ने उसे थप्पड़ मारा। वहीं प्यार सिंह नाम के पुलिसकर्मी ने मारपीट की। अन्य पुलिस कर्मी भी मारपीट में शामिल रहे। मोबाइल छीन लिया तथा एच एम कार्यालय के अंदर बने एक कक्ष में बिठा दिया। आरोप है कि अवैध हिरासत में रखा गया।घटना की सूचना पर कुछ अधिवक्ता थाने पहुंचे तब छोड़ा।
मामले में पीड़ित अधिवक्ता ने थानाधिकारी कोतवाली व एसपी बीकानेर को डाक द्वारा शिकायत भेजी है। वहीं बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन एडवोकेट कुलदीप शर्मा तक मामला पहुंचने पर बार काउंसिल ऑफ राजस्थान तक मामला पहुंचाया गया। बार काउंसिल ने एसपी बीकानेर को पत्र लिखकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
बता दें कि पुलिस थानों में आम आदमी के साथ बहुत ज्यादा अच्छा व्यवहार नहीं होता। वहीं बात कोतवाली थाने की करें तो यह थाना काफी सुस्त नज़र आता रहा है। बात स्पा सेंटरों की आड़ में वेश्यावृति की हो या गांजा आदि मादक पदार्थों की तस्करी की, कहीं ना कहीं कोतवाली पुलिस शिथिल नज़र आती है। अब देखना यह है कि उक्त मामले की जांच कितनी निष्पक्ष होती है। अधिवक्ता ने पुलिस कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया है।
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