26 September 2022 02:12 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। फर्जी आईडी, बैंक खाते व डिमेट अकाउंट बनाकर करोड़ों का घपला करने वाले नई लाइन गंगाशहर निवासी मनीष छाजेड़ पुत्र जैन लूणकरण छाजेड़ से जुड़े मामले में फरार चल रहे आरोपी प्रफुल्ल झा की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। अब झा के पास गिरफ्तार होने के अलावा लगभग कोई रास्ता नहीं बचा है। वहीं पुलिस भी अब इस मामले में चालान पेश करने की तैयारी में हैं। बता दें कि झा ने एफ आई आर नंबर 55/2018, 49/2018 व 33/2018 में गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। झा ने याचिका में कहा कि तीनों मामलों का मुख्य अभियुक्त मनीष छाजेड़ पुत्र लूणकरण छाजेड़ है। वह(झा) उस समय एक बैंक कर्मचारी था, उसकी अपराध में कोई भूमिका नहीं थी। याचिका में कहा गया कि मुख्य अभियुक्त मनीष छाजेड़ सहित अन्य की गिरफ्तारी हो चुकी है। ऐसे में अब उसे भी जमानत दी जाए। मगर हाईकोर्ट ने मामला गंभीर मानते हुए झा की गिरफ्तारी भी अनिवार्य बताई।
उल्लेखनीय है कि मनीष छाजेड़ पुत्र जैन लूणकरण छाजेड़ शेयर ब्रोकर था। अपने क्लाइंट्स के दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए फर्जी आईडी, बैंक अकाउंट व डिमेट अकाउंट खोले। इसके बाद इनमें करोड़ों की शेयर ट्रेडिंग की। मनीष छाजेड़ ने यह सारा घपला योजनाबद्ध तरीके से किया। मामला तब उजागर हुआ जब सुनील सोनी के नाम इनकम टैक्स ने रिकवरी निकाली। इसी तरह जुगल भारती पर भी रिकवरी निकाली गई। इस पर पीड़ितों ने कोटगेट थाने में तीन मुकदमें दर्ज करवाए। हालांकि मुकदमें ब्रोकर की जगह आर एस क्रेडिट के मालिकों व कर्मचारियों पर दर्ज हुए। पुलिस ने जब जांच की तो परतें खुलनी शुरू हुई। तब पता चला कि इस घोटाला गेम का मास्टरमाइंड मनीष छाजेड़ पुत्र जैन लूणकरण छाजेड़ है। जिनके खिलाफ मुकदमा हुआ, वे तो विश्वास विश्वास में चपेट में आ गए। बता दें कि मनीष छाजेड़ के पिता जैन लूणकरण छाजेड़ जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं में विभिन्न पदों पर रहे हैं। आज भी एक दो संस्थाओं में जमे बैठे हैं। इसी वजह से लोगों ने इन पर विश्वास किया। हश्र ये हुआ कि कई लोग इस फर्जीवाड़े की चपेट में आ गए। कई निर्दोष लोगों को जांच एजेंसियों के समक्ष सफाई देनी पड़ गई।
मनीष छाजेड़ ने सिर्फ आर एस क्रेडिट व क्लाइंट्स के साथ ही धोखाधड़ी नहीं की, बल्कि आर एस क्रेडिट की तरह ही देश की नामी कंपनियों की एजेंसी लेकर उनके यहां भी फर्जी खाते खोले। इस काम में जैन लूणकरण छाजेड़ भी सम्मिलित रहा है। एक दस्तावेज ऐसा मिला है जिसमें जैन लूणकरण छाजेड़ के भी हस्ताक्षर हैं।
गौरतलब है कि इस प्रकरण में केवल पुलिस ही नहीं बल्कि सीआईडी सीबी व अंत में एसओजी ने भी मनीष छाजेड़ पुत्र जैन लूणकरण छाजेड़ को मुख्य अभियुक्त माना। एस ओ जी ने धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 201 व मनी लांड्रिंग की धारा के तहत आरोपी मनीष छाजेड़ को गिरफ्तार किया था। मनीष छाजेड़ को इस मामले में न्यायिक अभिरक्षा के तहत करीब 52 दिन बीछवाल स्थित सेंट्रल जेल में रहना पड़ा।
ध्यान रहे कि मनीष छाजेड़ पुत्र जैन लूणकरण छाजेड़ से जुड़े इस घोटाला गेम की फाइल अब ईडी(प्रवर्तन निदेशालय) तक जाने वाली है। ईडी तक शिकायत की तैयारियां चल रही है। अगर मामला ईडी तक पहुंच गया तो मनीष छाजेड़ की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
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