02 May 2026 04:44 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। गंगाशहर निवासी व सूरत प्रवासी मुकेश छाजेड़ पुत्र संचय लाल व उनके परिवार से पैसे की अवैध वसूली करने के प्रयास का मामला सामने आया है। आरोप है कि मुकेश व उनके परिवार से अवैध वसूली करने के उद्देश्य से आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। प्रयास सफल नहीं हुआ तब जोधपुर में मुकदमें दर्ज करवाए। इतना ही नहीं, आरोपियों ने सोशल मीडिया पर मुकेश व उनके परिवार का दुष्प्रचार करके उनके मान सम्मान को क्षति पहुंचाई। ऐसा करने वाले कोई और नहीं बल्कि मुकेश के सगे मामा जोधपुर निवासी गुलाब चंद डागा का लड़का धीरज डागा, उसका ससुर दीपक रणछोड़दास राठी व धीरज की पत्नी राधिका है।

अब इसी मामले में मुकेश ने सूरत में धीरज, उसके ससुर दीपक व राधिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। सूरत पुलिस ने धीरज, दीपक व राधिका के खिलाफ धारा 356, धारा 308, 351(3), 316, 318(4) व 61 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

ये है अंदर की बात: दरअसल, मुकेश और धीरज के परिवार में काफी प्रेम था। धीरज सूरत में मुकेश के घर पर ही ठहरता। चूंकि धीरज मुकेश के सगे मामा का लड़का है तो भरोसा भी खूब था। मुकेश का कहना है कि इसी विश्वास के चलते पारिवारिक लेन-देन चलता था। वास्तविकता यह है कि धीरज के पास मुकेश के पैसे हैं यानी मुकेश धीरज से पैसे मांग रहा है। लेकिन अकाउंट में हुए लेन-देन के अनुसार धीरज का पलड़ा भारी है। व्यापारिक भाषा में समझें तो पक्के की एंट्री खड़ी रह गई। ऐसे में जब मुकेश ने धीरज पर उसके पैसे लौटाने का दबाव बनाया तो रिश्तों में खटास आनी शुरू हो गई। मुकेश का कहना है कि यहीं से धीरज व उसके ससुर दीपक आदि ने चालें चलनी शुरू कर दी।
-सूरत में हुआ मजिस्ट्रेट के समक्ष लिखित समझौता मगर धीरज ने किया बॉन्ड की शर्तों का उल्लघंन: मुकेश व धीरज के पिता में भी विशेष प्रेम था। एक दिन साथ बैठे तो लेन-देन की बात को लेकर थोड़ी गहमागहमी हुई। देखते ही देखते बात बिगड़ गई, इसके बाद दोनों पक्षों ने सूरत पुलिस के समक्ष परिवाद पेश किया। धीरज ने सामान्य लेन देन के मामले को आपराधिक मामला बनाने की कोशिश करते हुए परिवाद दिया।
सूरत पुलिस ने इस मामले को आपराधिक मामला मानने से इंकार कर दिया। यानी आपराधिक मामला होने के कोई सबूत ही नहीं मिले। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। बॉन्ड साइन हुए। इस बात पर सहमति बनी कि अब कोई किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा। इस कानूनी समझौते के बाद दीपक राठी व धीरज ने जोधपुर के अलग अलग थानों में दो मुकदमें दर्ज करवाए।
-पैसों के लालच में रिश्तों का खून, घर की बहू को भी नहीं बख्शा: मुकेश का कहना है कि आरोपी धीरज व उसका ससुर दीपक पैसों के लालच में रिश्तों को भूल गए। यहां तक कि मुकेश की पत्नी स्नेहा को भी नहीं छोड़ा, उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करवा दिया। जबकि स्नेहा को तो पारिवारिक लेनदेन की भी जानकारी नहीं थी।
मुकेश का कहना है कि इस तरह रिश्तों का खून होगा तो समाज में कौन किस पर विश्वास करेगा।
-धीरज ने करवाई जोधपुर में एफ आई आर, आरोप है काफी बेवकूफी भरा: धीरज ने जोधपुर में मुकेश, राकेश व मुकेश की पत्नी स्नेहा के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया। आरोप लगाया कि शेयर मार्केट से 200% रिटर्न का झांसा देकर 95 लाख रूपए लिए जो वापिस नहीं लौटाए। जबकि धीरज का ससुर दीपक खुद शेयर मार्केट का पुराना खिलाड़ी है। धीरज भी बच्चा नहीं। फिर 200 प्रतिशत रिटर्न के झांसे में कोई आ कैसे सकता है। मुकेश का कहना है कि वे पैसों से अधिक महत्व परिवार को देते हैं। उन्होंने मुकदमा करवाया, बदनाम किया तो उन्हें भी धीरज आदि के खिलाफ मुकदमा करवाना पड़ा।
-हाईकोर्ट ने लगाई गिरफ्तारी पर रोक: जोधपुर हाईकोर्ट ने मुकेश, उसकी पत्नी व राकेश की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। मुकेश का दावा है कि पहली बात तो पैसे वह खुद धीरज से मांग रहे हैं। दूसरी बात जो भी लेन-देन था उसमें कहीं कोई आपराधिक मामला बनता ही नहीं है। मामला सिविल नेचर का है। धीरज आदि ने अपनी पहुंच का दुरूपयोग कर यह मुकदमा दर्ज करवाया है। हाईकोर्ट ने पूरा मामला समझने के बाद उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है।
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