31 July 2021 07:37 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के मुद्दे पर लगातार घिर रही नोखा नगर पालिका पर अब बड़ा संकट आ सकता है। अब 26 विफलताओं के आधार पर पालिका के बोर्ड को बर्खास्त करने की मांग उठी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा गया है। अधिवक्ता विनायक चितलांगी व अधिवक्ता रवैल भारतीय ने यह पत्र लिखा है। अधिवक्ताओं ने पालिका की 26 विफलताएं गिनाते हुए राजस्थान नगर पालिका कानून 2009 की धारा 322(1) के तहत पालिका के बोर्ड को बर्खास्त करने की मांग की है। पत्र में राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्णय डीबी सिविल रिट याचिका संख्या 7233/2021 का भी हवाला दिया गया।
चितलांगी का कहना है कि पालिका की ये 26 विफलताएं नज़र अंदाज़ नहीं की जा सकती। पालिका सुनवाई करने में भी फिसड्डी साबित हुई है। हाल ही में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के एक किलोमीटर में रहने वाले नागरिकों को हो रहे नुकसान पर मुआवजे की मांग भी की गई थी, मगर पालिका ने उस पर भी अब तक जवाब नहीं दिया। इसी तरह अन्य मुद्दों पर पालिका निष्क्रिय बनी हुई है।
अधिवक्ताओं ने हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भी पत्र लिखा है। पत्र में पालिका के बोर्ड को बर्खास्त करने हेतु सरकार को निर्देश देने की अपील की गई है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि नोखा नगर पालिका अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर पा रही है। इसलिए विफलताएं उजागर करना जरूरी है। अधिवक्ताओं ने बीकानेर दौरे पर आए यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल को भी पत्र की एक प्रतिलिपि दी है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी एक प्रतिलिपि भेजी गई है।



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