13 June 2026 08:08 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। (पत्रकार रोशन बाफना की रिपोर्ट) बीकानेर की जनता की पीड़ाएं खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। एक जाती है तो रूप बदलकर दूसरी आती है। जनता कभी सड़क पर पीड़ित है तो कभी लाल बिल्डिंगों के अंदर पीड़ित है। कभी डिजिटल वर्ल्ड में पीड़ित है तो कभी अपने घर बैठी ही पीड़ित है। घर बैठे इसलिए क्योंकि बिजली की आवश्यकता तो घर के अंदर भी होती है। बीकानेर के नगरीय क्षेत्र की जनता को पैसे देकर भी निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है। जनता बिजली संबंधी पीड़ाएं भोग रही है।
सरकार ने कुछ वर्षों पहले बीकानेर के नगरीय क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का ठेका बिजली कंपनी बीकेईएसएल को दे दिया था। तब से जनता दर्द भोग रही है। जनता को लग रहा है कि जैसे फाइव स्टार होटल का पैसा खर्च करके उन्हें ढ़ाबे जैसी सुविधा मिल रही है।
-आकाश में चमकती है बिजली तो धरती पर चली जाती है: बीकानेर में बिजली आपूर्ति का हाल कुछ ऐसा है कि आकाश में बिजली चमकती है तो धरती पर चली जाती है। 12 के 12 महीने ऐसे ही बिजली कटौती रहती है। हर मौसम में बिजली का संकट रहता है और हर बार बिजली कंपनी के पास झांसों और बहानों की डोज तैयार रही है। 24 घंटे बिजली के दावे खोखले हैं। निरंतर बिजली कटौती की जा रही है। कभी पूर्व सूचना के तो कभी अचानक बिजली कटौती कर दी जाती है।
-बीती रात बरसे मेघ, चली हवा और उड़ गया बीकेईएसएल का फेस, 14 घंटे बाद आई बिजली: बीती रात बारिश आई तो पूरे गंगाशहर क्षेत्र में बिजली काट दी गई। अधिकतर इलाकों में बारिश रुकने के करीब 1 घंटे में बिजली आ गई। मगर गंगाशहर के नाहटा मोहल्ले व आसपास के कुछ इलाकों में बिजली 14 घंटे बाद आई। स्थानीय निवासियों को काफी परेशानियां हुईं। आरोप है कि बिजली जाने के बाद कोई पुख्ता जवाब भी नहीं मिलता।
-मीटर बदलने में जोर मगर ट्रांसफार्मर में बेहद कमजोर: अत्यधिक बिजली कटौती व वोल्टेज अप-डाउन की समस्या का सबसे बड़ा कारण ट्रांसफार्मर की कमी है। पता चला है कि बिजली कंपनी बीकेईएसएल ने लोड के अनुरूप ट्रांसफार्मर ही नहीं लगाए हैं। बिजली कंपनी जब से बीकानेर आई है, उसने मीटर बदलने में जोर रखा है। कई बार मीटर बदले जा चुके हैं।
मीटर बदलने से बिजली बिल बढ़कर आने लगे। जनता की जेब कटने लगी। जनता ने हर मोर्चे पर बिल में लगाए गए चार्ज कंपनी को दिए, मगर बिजली कंपनी ने वैसी सेवा नहीं दी।
सर्वे में पता चला है कि बीकानेर नगर के अधिकतर इलाकों में लोड के अनुरूप ट्रांसफार्मर ना होने से ही सारी समस्याएं हैं। अगर लोड के अनुरूप ट्रांसफार्मर हो तो वोल्टेज व बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं न्यूनतम हो सकती है।
-मीटर बदलना हो तो बुला लेते हैं पुलिस मगर ट्रांसफॉर्मर के नाम पर केवल बहाने: बीजेपी व कांग्रेस के कुछ जनप्रतिनिधियों की मानें तो बिजली कंपनी बीकेईएसएल ने पिछले सालों में मीटर बदलने में जमकर तानाशाही की। मुकदमें तक करवाए। लेकिन ट्रांसफॉर्मर बदलने की बात पर लगातार बहाने बनाती आई है।
अगर ट्रांसफॉर्मर बढ़ा दिए जाए तथा लोड के अनुरूप ट्रांसफार्मर लगा दिए जाए तो बिजली संबंधी समस्याओं का तुरन्त निदान हो सकता है।
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