26 August 2026 12:31 AM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। वैसे तो अस्पताल मंदिर और डॉक्टर धरती के भगवान कहलाते हैं लेकिन करोड़ों खर्च करके धरती के भगवान बने किसी डॉक्टर से लालची ना होने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। और फिर प्राइवेट अस्पताल तो होते ही बिजनेस प्रॉजेक्ट है, तो यहां तो मरीजों की नसें कटनी ही कटनी है। लेकिन अति लालच भी बुरा है।
जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल पर भी अति लालच के आरोप लगे हैं। मामला मुख्य सचिव तक पहुंचा। मुख्य सचिव ने अधिनस्थों को कार्यवाही हेतु लिखा और अधिनस्थों ने जयपुर सीएमएचओ को लिखा। मगर जयपुर सीएमएचओ की कार्यशैली ने मिलीभगत का शक पैदा कर दिया।
ये है मामला: एडवोकेट अनिल सोनी के अनुसार पाबू चौक, गंगाशहर निवासी श्यामसुंदर सोनी को आयुष्मान योजना के तहत एमजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। 26 मार्च 2025 को अस्पताल ने सिटी एनजीओग्राफी के नाम पर 12 हज़ार रुपए नगद वसूले। 29 मार्च को ऑपरेशन किया। 1 अप्रेल को 50 हजार देने पर डिस्चार्ज किया। कमरा नंबर 67 में 30 हजार और बेसमेंट के कमरा नंबर 21 में 20 हजार रुपए वसूलने का भी आरोप है।
आरोप है कि सुरक्षा गार्डों ने मरीज परिजन को घेरकर बंधक बनाया। 181 हेल्पलाइन पर शिकायत करनी पड़ी। इसके बाद वहां से निकल गये। शिकायत के दबाव में वाट्सएप चैट व कॉल पर 50 हजार लौटाने का आश्वासन दिया मगर नहीं लौटाए। अस्पताल की तलब से कहा गया कि वो बैठा "मंत्री, वो बैठा संतरी, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।"
-मुख्य सचिव लीगल नोटिस दिया तो शुरू हुआ एक्शन मगर सीएमएचओ ने नहीं निभाया फर्ज: अनिल सोनी का कहना है कि मुख्य सचिव व स्वास्थ्य सचिव को लीगल नोटिस दिया गया। इस पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी, आयुष्मान योजना आईएएस डॉ टी. शुभ मंगला ने 8 मई को सीएमएचओ को जांच सौंपते हुए सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा। मगर सीएमएचओ ने दो माह तक जांच नहीं की। ना ही बयान लिए। अस्पताल से इकतरफा स्पष्टीकरण लेकर जांच की खानापूर्ति कर दी। आरटीआई से रिपोर्ट मांगी गई तो रिपोर्ट नहीं दी गई।
इस पर जिला उपभोक्ता न्यायालय में वाद वाद दायर किया गया। उपभोक्ता न्यायालय ने 26 फरवरी 2026 को सीएमएचओ की लापरवाही मानते हुए उन पर दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया। जुर्माना आदेश होने पर स्पष्टीकरण की कॉपी उपलब्ध करवाई गई। इस दौरान मरीज की मौत हो गई।
अब लोक अदालत में पहुंचा मामला: एडवोकेट अनिल सोनी के अनुसार सीएमएचओ ने जुर्माना राशि नहीं दी है। वहीं अब मामला लोक अदालत में है। लोक अदालत ने एमजी अस्पताल की डॉक्टर पूर्वी मलिक, सत्यम, दिलीप व तेजपाल प्रजापत आदि 5 जनों सहित जयपुर सीएमएचओ, मुख्य सचिव राजस्थान सरकार व शासन सचिव स्वास्थ्य आदि नौ जनों को तलब किया है।
परिवादी जयकिशन सोनी की मांग है कि महात्मा गांधी अस्पताल उसे अवैध रूप से वसूले गए 50 हजार रुपए ब्याज सहित लौटाए। वकील खर्च व परिवाद व्यय के पचास हजार रूपए भी दें। इसके अतिरिक्त परिवादी को मानसिकता, शारीरिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के दो लाख रुपए दे।
अब देखना यह है कि महात्मा अस्पताल भारी पड़ता है या न्याय का पलड़ा भारी रहता है। बताया जा रहा है कि महात्मा गांधी अस्पताल का मालिक राज्य की सर्वोच्च पहुंच का व्यक्ति है।
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