16 July 2026 08:44 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर।(पत्रकार रोशन बाफना की ख़बर) समझें तो ये ज़िन्दगी स्वर्ग है। स्वर्ग इसलिए क्योंकि हमें जीवन जीने का होश है, अच्छे बुरे को समझने व सुख दुख महसूस करने का विवेक है। ये विवेक जब खो जाता है तो स्वर्ग सा जीवन भी नर्क हो जाता है। नशा करने वालों की भी यही हालत है। नशा किया तो समझो विवेक गया। विवेक गया तो फिर अपराधी बनने में भी देर नहीं लगती। आजकल पकड़े जा रहे नशा तस्करों में अधिकतर खुद नशेड़ी हैं, जबकि नशा तस्करी के मगरमच्छ खुद नशा नहीं करते। वे युवाओं को फ्री का नशा खिलाकर नशे की आदत डालते हैं। आदत पड़ने के बाद नशा फ्री नहीं दिया जाता। ऐसे में बाद में यही नशेड़ी नशा खरीदने के लिए तस्कर बन जाते हैं।
गंगाशहर पुलिस ने भी ऐसे ही तीन नशा तस्करों को पकड़ा है, जो नशा करते करते तस्कर बन गये।
गंगाशहर पुलिस ने एसपी मृदुल कच्छावा द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन नीलकंठ के तहत एएसपी सिटी चक्रवर्ती सिंह राठौड़ व सीओ गंगाशहर हिमांशु शर्मा के सुपरविजन, थानाधिकारी परमेश्वर सुथार के नेतृत्व में एमडी नशे के खिलाफ दो कार्रवाइयां की है।
सब इंस्पेक्टर हेतराम मय टीम द्वारा यह कार्रवाइयां की गई हैं। जिनमें हैड कांस्टेबल सवाई सिंह, कांस्टेबल मुखराम, कांस्टेबल रघुवीर, कांस्टेबल रमेश, अशोक व सोहन शामिल थे।
पहली कार्रवाई 17.59 ग्राम एमडी की है। पुलिस ने करमीसर निवासी 27 वर्षीय फारुख पुत्र शुभान खां व उस्तां बारी, आचार्यों की घाटी के नीचे के निवासी 30 वर्षीय अबरार उर्फ पीके उर्फ संजू पुत्र असगर अली को गिरफ्तार किया गया है।
वहीं दूसरी कार्रवाई के तहत 8 ग्राम एमडी पकड़ी गई है। यह आदर्श विद्या मंदिर के पीछे, घड़सीसर रोड़, गंगाशहर निवासी किशन जाट से पकड़ी गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक तीनों आरोपी खुद भी नशेड़ी हैं। बता दें कि एमडी काफी मंहगा नशा है। एमडी खाने वालों का प्रतिदिन का न्यूनतम खर्च 1500 से 3000 रूपए होता है।
जबकि अधिकतर नशेड़ी महीने का 10 हज़ार भी नहीं कमाते। ऐसे में नशे के आदी ये लोग नशा तस्करी व अन्य अपराधों में लिप्त हो जाते हैं।
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