28 May 2021 01:19 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। बीकानेर में प्राइवेट अस्पतालों की बदमाशी की वजह से चिंरजीवी योजना खटाई में पड़ रही है। हालात यह है कि स्वास्थ्य विभाग से लेकर कलेक्टर के निर्देशों का भी असर नहीं हो रहा है। शुक्रवार दोपहर को दांत के डॉक्टर को दिखाने कोठारी अस्पताल गई एडवोकेट चांदनी ओझा को चिंरजीवी योजना का लाभ देने से साफ इन्कार कर दिया गया। चांदनी ने ख़बरमंडी से संपर्क किया। हमने कोठारी अस्पताल की रिसेप्शनिस्ट नेहा बागड़ी से बात की। चिंरजीवी योजना का लाभ देने से साफ मना कर दिया गया। कारण पूछने पर बताया कि अभी तक प्रोसेस पूरी नहीं हुई है। नेहा का कहना था कि अस्पताल मैनेजमेंट ने भी मना कर रखा है।
सीएमएचओ डॉ ओमप्रकाश चाहर से बात की तो पता चला कि कमोबेश चिरंजीवी में रजिस्टर्ड सभी अस्पतालों का यही हाल है। सीएमएचओ चाहर ने बताया कि अधिकतर अस्पताल चिंरजीवी के तहत एक दो केस से अधिक ले ही नहीं रहे। वहीं कोठारी निर्देश ही मान रहा। गुरूवार को कलेक्टर नमित मेहता ने सभी अस्पतालों के साथ बैठक करने तथा नोटिस जारी करने के आदेश भी दिए। बैठक में भी कोठारी अस्पताल का कोई भी प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। सीएमएचओ के अनुसार बैठक में कई अस्पतालों के बाबू पहुंचे।
ऐसे में अब चिंरजीवी योजना का लाभ आमजन को कैसे मिलेगा?
पैसे के लालची प्राइवेट अस्पतालों को ना तो आमजन की तकलीफें समझ आ रही है और ना ही सरकार के आदेश। जबकि नियमानुसार इन अस्पतालों को बीमा कंपनी से भुगतान भी मिलेगा। अब देखना यह है कि इन अस्पतालों पर क्या कार्रवाई की जाती है। बता दें कि एडवोकेट चांदनी ने टोल फ्री नंबरों पर कोठारी अस्पताल के खिलाफ शिकायत भी की है।
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