03 April 2024 10:12 AM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। चांद पर पहुंचने के दौर में भी आम आदमी शुद्ध जल के लिए तरस रहा है। बीकानेर के रिड़मलसर गांव में भी यही हालात हैं। ग्रामीणों के अनुसार यहां के पेयजल में टीडीएस की मात्रा 2380 है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पेयजल में टीडीएस की यह मात्रा बहुत ज्यादा और खतरनाक है। इतने अधिक टीडीएस का जल पीना खतरनाक बीमारियों को आमंत्रण देना है।
गांव के एक प्रतिनिधि मंडल ने जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता को इस संबंध में शिकायत भी दी है। सोफीन रिड़मलसर के अनुसार प्रतिनिधि मंडल ने अधीक्षण अभियंता को समस्या से अवगत करवाया। इस पर अधिकारी ने जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने एईएन को गांव में नहर का पानी देने के आदेश दिए। सवाल यह है कि एडवांस टेक्नोलॉजी के युग में इतनी गंभीर समस्याओं के बारे में जलदाय विभाग स्वयं संज्ञान क्यों नहीं लेता। जबकि यह कार्य तो सरकारी सिस्टम का है। बीकानेर में रिड़मलसर जैसे कितने गांव और होंगे, जहां शुद्ध जल का अभाव होगा।
प्रतिनिधि मंडल में रिड़मलसर विकास मंच के अध्यक्ष जावेद मांगलिया, देहात कांग्रेस अल्पसंख्यक अध्यक्ष अकरम सम्मा, सिपाही समाज के लिगल एडवाइजर एडवोकेट मेंहदी हसन सम्मा, सिपाही समाज के महासचिव सोफिन रिड़मलसर, रोड़वेज कर्मचारी नेता साबिर कोहरी, शैक्षणिक कर्मचारी संघ के मेहनु दीन तंवर, मदरसा बोर्ड कर्मचारी संघ के फिरोज मांगलिया, सिपाही समाज के सचिव काशिद पंवार व विकास मंच के उपाध्यक्ष फिरोज मांगलिया शामिल थे।
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