07 June 2026 07:58 PM


ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। एसीबी हेड क्वार्टर की सूचना पर एसीबी बीकानेर ने राजस्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड के डायरेक्टर जुगल किशोर बिश्नोई व उसके गुर्गे को रिश्वत के लाखों रूपयों सहित धर दबोचा है। कार्रवाई लूणकरणसर में उस वक्त हुई जब जुगल किशोर का गुर्गा रावला हाल मयूर विहार, बीकानेर निवासी स्वतंत्र ज्याणी बस में सूरतगढ़ जा रहा था। एडिशनल एसपी एसीबी आशीष कुमार के नेतृत्व में सीआई इंद्र कुमार व सीआई आनंद मिश्रा की टीम ने बस रुकवाकर स्वतंत्र कुमार को पकड़ लिया। आरोपी स्वंतत्र कुमार के पास 85 लाख रुपए नकद मिले। इसी दौरान दूसरी तरफ एएसपी विनोद कुमार की टीम ने स्वतंत्र कुमार के मयूर विहार स्थित निवास व जयपुर रोड़ स्थित जुगल किशोर के निवास पर दबिश दी। यहां तलाशी में 1.5 करोड़ से अधिक की राशि मिली। एसीबी अब तक करीब ढ़ाई करोड़ रुपए की अवैध राशि जब्त कर चुकी है। बताया जा रहा है कि जिस मकान में स्वतंत्र किराए पर रहता है, वह मकान एक पुलिस कांस्टेबल का है। स्वंतत्र जुगल का रिश्तेदार भी बताया जा रहा है।
कौन है जुगल किशोर ज्याणी: जुगल किशोर मूलतः रावला का है। बीकानेर की नोखा मंडी में उसकी बीज की दुकान है। वहीं बीकानेर के जयपुर रोड़ स्थित एक मकान में परिवार सहित किराए पर रहता है। जुगल किशोर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का नजदीकी माना जाता है। जुगल को कुछ माह पहले फरवरी में ही राजस्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड का डायरेक्टर मनोनीत किया गया था।


-मंत्री किरोड़ी की रेड में रहता था साथ: डायरेक्टर जुगल किशोर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा पिछले दिनों नकली खाद की फैक्ट्रियों पर की गई रेड में साथ था। वह बीकानेर, सीकर सहित हर जगह मंत्री के साथ ही रहता था।
-नकली खाद के मामले में एक कंपनी से की उगाही: एसीबी के अनुसार स्वंतत्र के पास व उसके घर से मिले करोड़ों रूपए डायरेक्टर जुगल किशोर के हैं। यह पैसे नकली खाद के मामले में फंसी एक कंपनी से लिए गए थे। इस कंपनी को बचाने के लिए रिश्वत के रूप में यह उगाही की गई। वहीं बस में स्वतंत्र के पास पकड़े गए 85 लाख श्रीगंगानगर ले जाए जा रहे थे।
एसीबी की जांच में बड़े खुलासे हो सकते हैं।
-रिश्वत देने वाली कंपनी भी फंसेगी: नियमानुसार रिश्वत देना और लेना दोनों ही अपराध है। अगर आपसे कोई रिश्वत मांगे तो उसकी शिकायत एसीबी को करनी चाहिए। ऐसे में उम्मीद है कि इस मामले में रिश्वत देने वाली कंपनी भी राडार पर आएगी।
-मंत्री का ख़ास कैसे फंसा एसीबी के शिकंजे में: जुगल किशोर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का ख़ास माना जाता है। ऐसे में जुगल पर एसीबी की कार्रवाई कुछ और संकेत करती है। हालांकि ऊंट किस करवट बैठेगा, यह वक्त ही बताएगा। जुगल व उसका गुर्गा करोड़ों रूपयों सहित रंगे हाथों धरा गया है। ऐसे में भ्रष्टाचार का खेल तो सबके सामने ही है।
ख़बर लिखे जाने तक पूछताछ व कार्रवाई जारी थी।
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