16 August 2021 11:41 AM

-रोशन बाफना
ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। शहरी परकोटे में जर्जर मकानों के गिरने की घटनाओं के बाद भय का माहौल बन गया है। जर्जर मकानों के आस पास रहने वाले लोग डरे हुए हैं। जर्जर हालत के ये मकान कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। पिछले दिनों कुछ मकानों के ध्वस्त होने के बाद एक बार प्रशासन भी जागा था। ऐसे मकानों के मालिकों को नोटिस भी दिए गए। मगर हालात फिर वही ढाक के तीन पात वाले हो गए। मकान मालिकों को हादसों से भय नहीं है तो प्रशासन भी गहरी नींद में है।
बड़ा बाजार की नाहटा सुखानी गली निवासी अमित कुमार भादाणी ने भी अपने पड़ोसी के बंद पड़े जर्जर मकान से खतरा जताया है। ये बंद मकान डॉ पिंटू नाहटा का बताया जा रहा है। भादाणी का कहना है कि यह मकान कभी भी गिर सकता है। उनका मकान पास में है। मकान गिरा तो वे भी चपेट में आएंगे। मकान मालिक सहित निगम को कई बार शिकायत कर दी, मगर किसी को परवाह नहीं।
बता दें कि शहर में ऐसे जर्जर मकानों की भरमार है। बड़ा बाजार, आचार्य चौक, डागा चौक, मोहता चौक व इन क्षेत्रों के कई सारे जर्जर मकान खतरा बने हुए हैं। ऐसे मकानों को मरम्मत करवाकर दुरुस्त करना आवश्यक है। जिन बंद पड़े मकानों की मरम्मत संभव नहीं, उन पर भी निर्णय लेना आवश्यक है।




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