14 October 2026 08:00 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्था से एक बार फिर एक परिवार पर आफत आ गई है। मंगलवार को पूनरासर निवासी युवक राधेश्याम सारस्वत की पीबीएम में दौराने इलाज मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने पीबीएम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि पीबीएम ने 17 घंटों तक बेड नहीं दिया और ना ही इलाज किया।
मंगलवार दोपहर बाद युवक की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ सुरेंद्र वर्मा को शिकायत दी गई। श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत भी मौके पर पहुंचे। जिसके बाद जांच हेतु मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। बोर्ड में डॉ परमेंद्र सिरोही, डॉ मनोज माली, डॉ रोहिताश सहित चार डॉक्टरों को शामिल किया गया है। टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ये बताया जा रहा घटनाक्रम: पीबीएम सूत्रों के मुताबिक पूनरासर निवासी राधेश्याम जयपुर के जिदान अस्पताल से छुट्टी लेकर रविवार को पीबीएम पहुंचा था। वह जयपुर से ही जांचें करवाकर आया था। उसे बुखार था। हालत गंभीर थी। डेंगू, मलेरिया, टायफाइड जैसा कोई बुखार होने की पुष्टि नहीं हुई। चिकित्सकीय सूत्रों के मुताबिक राधेश्याम को कौन-सा बुखार था यह समझ ही नहीं आया। कहा यह भी जा रहा है कि अंतिम समय में मरीज को देखने वाले चिकित्सकों को निमोनिया के लक्षण भी मिले।
उसे इमरजेंसी से डॉ विजय तुंदवाल की यूनिट के जी वार्ड में भर्ती किया गया। जहां बेड खाली नहीं था। इस पर उसे अटेंडेंट रूम में बेड दिया गया। धीरे धीरे तबीयत में सुधार हो गया।
लेकिन सोमवार अर्द्ध रात्रि के बाद अचानक फिर से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। बताया जा रहा है कि सीने में दर्द हुआ। जिसके बाद मंगलवार सुबह उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। जहां दोपहर बाद उसकी मौत हो गई।
-नहीं करवाया गया पोस्टमार्टम, कैसे सामने आएगा सच: बताया जा रहा है कि राधेश्याम के शव पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया। ऐसे में सच्चाई उजागर होने में संशय लग रहा है। पोस्टमार्टम में ही मौत की असली वजह सामने आती है।
अब देखना यह है कि राधेश्याम की मौत का असली राज सामने आता है या डॉक्टर आरोप मुक्त हो जाते हैं। बता दें कि अक्सर ऐसे मामलों में दोष सिद्ध ही नहीं हो पाते।
RELATED ARTICLES