20 September 2026 10:01 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। बीकानेर में महापौर का चुनाव सोमवार सुबह 10 बजे शुरू हो जाएगा। इस बीच पुलिस व प्रशासन पर इस्तेमाल होने के आरोप लग रहे हैं। दरअसल ऐसी चर्चा है कि पुलिस पिछले 4-5 दिनों से लगातार कांग्रेसी व निर्दलीयों पार्षदों के ठिकानों पर छापेमारी व नोटिस की कार्रवाई कर रही है। इसी तरह की कार्रवाई प्रशासन ने भी की है। कई कांग्रेस व कल्ला कैंप के समर्थकों को भी प्रशासन ने नोटिस आदि देकर दबाने की कोशिश की है।
बता दें कि चुनाव के बीच कांग्रेसी पार्षद मनोज विश्नोई, मकसूद अहमद व नवरतन डागा को नोटिस दिए गए हैं। तीन दिन पहले विश्नोई को उनकी होटल के संबंध में नोटिस दिया गया। मकसूद को कोटगेट थाने में दर्ज एक पुराने मामले में नोटिस देकर बुलाया गया। वहीं रविवार को डागा को हाल ही में मोहित अरोड़ा द्वारा दर्ज करवाए गए सिंबल चोरी के प्रकरण में सदर थाने में उपस्थित होने का नोटिस दिया गया। डागा ने पुलिस को कानूनी जवाब पेश कर 23 अथवा 24 सितंबर को जांच में सहयोग हेतु थाने में उपस्थित होने की बात कही है।
इसके अतिरिक्त निर्दलीय संजय राखेचा के घर भी बार बार दबिश दी गई। अन्य भी कुछ पार्षद है जिन पर कार्रवाई की कोशिश हुई बताते हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस व प्रशासन राजनीतिक टूल बन रहे हैं। वे बीजेपी के हाथों इस्तेमाल हो रहे हैं। सोमवार को महापौर का चुनाव है, ऐसे में पार्षद वोट देगा या थाने में उपस्थित होगा। सवाल यह है कि पार्षदों ने आख़िर ऐसा कौन-सा अपराध कर दिया जिसमें इतनी त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पड़ गई।
उधर पूर्व मंत्री डॉ बीडी कल्ला ने जैसलमेर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस व प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। कल्ला ने कहा कि पुलिस राजनीति का हिस्सा ना बनें, वह संविधान से ऊपर ना जाए। इतनी ही राजनीति करनी है तो सरकारी सेवाओं से त्यागपत्र देकर राजनीति में ही उतर आए।
कांग्रेस का कहना है कि पुलिस सोमवार को कांग्रेसी व कुछ निर्दलीय पार्षदों को वोट देने से रोकने का प्रयास करेगी। इस पूरे मामले में निर्वाचन आयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने के आरोप भी लग रहे हैं।
उधर कांग्रेस के देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा है कि सोमवार को किसी भी पार्षद को वोट देने से ना रोके। डरा-धमकाकर शक्तियों का दुरूपयोग ना करें। सियाग ने खुली चेतावनी दी है।
अब देखना यह है कि जनता द्वारा कांग्रेस को दिया गया 42 सीटों का बहुमत जीतता है या बीजेपी जोड़-तोड़ की राजनीति में सफल रहती है।
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