15 July 2026 03:46 PM


ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। स्मार्ट मीटर लगाने वाली ठेकेदार कंपनी जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के घायल कर्मचारी इंजीनियर लक्ष्मण सिंह राठौड़ की मौत हो गई है। लक्ष्मण ने बीती रात पीबीएम अस्पताल में दम तोड़ दिया।
बता दें कि 1 जुलाई को लक्ष्मण ने बीकानेर के पूगल रोड़ स्थित कंपनी कार्यालय में खुद को आग लगा ली थी। अब लक्ष्मण के परिजन और साथी पीबीएम की मोर्चरी के आगे धरने पर हैं।
वे कंपनी के सीपीएम यानी चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर रानी बाजार निवासी नितिश माथुर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने व आरोपी नितिश को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। मुक्ताप्रसाद नगर थानाधिकारी विश्वजीत सिंह ने बताया कि पुलिस हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर रही है।
ये था मामला: बताया जा रहा है कि सीपीएम नितिश ने 22 जून को लक्ष्मण सिंह को टर्मिनेट कर दिया था। उसकी सैलरी भी रोक ली। लक्ष्मण ने बातचीत के काफी प्रयास किए।
सुनवाई ना होने पर वह बच्चे व परिजनों सहित सीपीएम के पास पहुंच गया। गलती पूछी, मगर सीपीएम का रुख ठीक नहीं था। देखते ही देखते लक्ष्मण ने खुद को आग लगा ली।
मौके पर हड़कंप मच गया। लक्ष्मण बुरी तरह झुलस गया। वह उस स्थिति में भी सड़़क पर जाकर बैठ गया। उसे किसी तरह अस्पताल ले जाया गया, जहां बीती रात दौराने ईलाज उसने दम तोड़ दिया।
-पुलिस पर मुकदमा दर्ज नहीं करने का आरोप: लक्ष्मण सिंह राठौड़ के इस प्रकरण में मुक्ताप्रसाद नगर पुलिस पर मुकदमा दर्ज नहीं करने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि अस्पताल पहुंची पुलिस ने पीड़ित का पर्चा बयान लिया जा, वीडियो भी बनाया। इसके बाद परिजन तत्कालीन थानाधिकारी विजेंद्र शीला से मिले।
परिजनों ने सीपीएम नितिश माथुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने हेतु परिवाद भी दिया। पुलिस पर सुनवाई ना करने का आरोप है। जबकि ऐसे मामलों में पर्चा बयान पर भी मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
-सीपीएम पर है गंभीर आरोप, और भी है पीड़ित: कंपनी के अन्य पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार रानी बाजार निवासी नितिश माथुर ने पिछली दिवाली के बाद ही सीपीएम की पोस्ट पर जीनस ज्वाइन की थी।
जीनस स्मार्ट मीटर बनाती है। इसके पास स्मार्ट मीटर लगाने का टेंडर है। यह ठेका ग्रामीण इलाकों का है। यानी जहां बिजली प्राइवेट हाथों में नहीं है, वहां जीनस ही मीटर बदलती है।
बताया जा रहा है कि नितिश के आने से पहले कंपनी में सबकुछ ठीक चल रहा था। लेकिन नितिश ने आते ही कर्मचारियों को परेशान करना शुरू कर दिया। इसकी वजह से 7-8 कर्मचारी इस्तीफा दे चुके, जबकि 4-5 को नितिश ने ही टर्मिनेट कर दिया।
आरोप है कि नितिश के आने के बाद सैलरी समय पर नहीं आती। कर्मचारियों को अत्यधिक प्रताड़ित किया जाता। एक पूर्व कर्मचारी ने बताया कि बीमार होने पर छुट्टी मांगी थी।
ईमेल व वाट्सएप पर भी छुट्टी मांगी तो टर्मिनेट कर दिया। श्रीडूंगरगढ़, नोखा, श्रीगंगानगर व बीकानेर के कई कर्मचारियों को सीपीएम से परेशान होकर नौकरी छोड़नी पड़ी।
अनूपगढ़ निवासी लक्ष्मण सिंह राठौड़ को भी ऐसे ही प्रताड़ित किया गया। लक्ष्मण 20-25 हजार कमाने वाला साधारण आदमी था।
सवाल यह है कि क्या कोई व्यक्ति सामान्य परेशानियों की वजह से खुद को आग लगाने जैसा कदम उठा सकता है। प्रताड़ना हद पार हुई होगी, तभी ये परिस्थितियां बनीं।
लक्ष्मण के पीछे उसकी व बच्चे हैं। लक्ष्मण को वापिस तो नहीं लाया जा सकता मगर पुलिस को चाहिए कि वह अन्याय के खिलाफ पार्दर्शिता के साथ जांच करे। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले को कितनी संवेदनशीलता से लेती है।
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