10 February 2024 12:03 AM


ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। यूरिया की तरह भ्रष्टाचार भी यूआईटी के कई कर्मचारियों की रग रग में बस चुका है। ऐसे ही दो भ्रष्टाचारियों के पाप का घड़ा आज भर ही गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने यूआईटी के रिश्वतखोर जूनियर अकाउंटेंट व कैशियर को रंगे हाथों धर दबोचा है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के आनंद मिश्रा के अनुसार 6 फरवरी को यूआईटी के जूनियर अकाउंटेंट गणेश किलवाणी व कैशियर मनीष कुमार खत्री के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। आरोपियों द्वारा उदय बिल्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बकाया भुगतान को पास करने के बदले में 90 हजार रूपए मांगे जा रहे थे। यह कंपनी स्ट्रीट लाइट आदि लगाने के ठेके लेती है। एक पुराने टेंडर का भुगतान बकाया चल रहा था। इस पर कंपनी के प्रबंधक अशोक कुमार भुगतान पास करवाने की कोशिश में थे। आरोपियों ने जब अति कर दी तब अशोक कुमार ने एसीबी को शिकायत दी। एसीबी ने 7 व 8 फरवरी को शिकायत का लगातार दो बार सत्यापन करवाया। सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर शुक्रवार को जाल बिछाया गया। शुक्रवार दोपहर बाद दोनों आरोपियों को यूआईटी स्थित उनके कार्यालय में ही 70 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया गया।
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