26 May 2021 03:35 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। सरकारी नौकरी के बावजूद कोरोना जांच में लूटमार मचाने वाला गंगाशहर सेटेलाइट अस्पताल का लैब टैक्नीशियन व एक दलाल एसीबी के जाल में फंस गया है। एसीबी एएसपी रजनीश पूनिया से मिली जानकारी के अनुसार गंगाशहर अस्पताल के कार्मिक रविन्द्र उपाध्याय की शिकायत मिली थी। जिस पर एसीबी ने जाल बिछाया। गंगाशहर निवासी दलाल दीपक पुत्र अशोक गहलोत गहलोत ने चौपड़ा बाड़ी निवासी भरत के यहां से सैंपल लिया। जब वह सैंपल लेकर निकलने लगा ताक लगाए बैठी एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया।
एएसपी पूनिया के अनुसार गहलोत यह सैंपल रविन्द्र को देने जा रहा था। आरोपियों ने 1600 रूपए भी लिए बताते हैं। पूनिया के अनुसार ये सैंपल गांधी चौक स्थित वी-केयर लैब में जांचें जाने थे। रविन्द्र अस्पताल के अलावा वी-केयर में भी काम कर रहा था।
सरकारी अस्पताल में कोरोना की आर टी पीसीआर जांच मुफ्त है, बावजूद इसके सरकारी कर्मचारी पर वी-केयर लैब में दुकानदारी चलाए जाने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार रविन्द्र मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक का कर्मचारी है। पिछले 7-8 माह से डेपुटेशन पर गंगाशहर अस्पताल में लगा हुआ था। यहीं से मरीज़ डायवर्ट करने का आरोप है। हालांकि यह मामला रिश्वतखोरी का है या नहीं, यह अभी जांच का विषय है, लेकिन भ्रष्टाचार होने की पुष्टि की जा रही है।
बता दें कि बीकानेर में बहुत सारे ऐसे सरकारी कर्मचारी है, जो प्राइवेट लैब चला रहे हैं या उनमें काम कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त पीबीएम अस्पताल के मरीजों की जांचें प्राइवेट लैबों में भेजने के मामले भी अनगिनत है।
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