14 July 2026 07:54 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर।हनुमानगढ़ जिले की हनुमानगढ़ टाउन पुलिस ने हथियारों व हेरोइन सहित 6 बदमाशों को धर दबोचा है। आरोपियों की पहचान वार्ड नंबर 7, लाखासर, नोहर थाना क्षेत्र निवासी 38 वर्षीय सुनील कुमार उर्फ गोलू पुत्र ओमप्रकाश जाट, वार्ड नंबर 8, मटोलियावाली ढ़ाणी, हनुमानगढ़ टाउन थाना क्षेत्र निवासी 28 वर्षीय रमेश उर्फ धोलू पुत्र भूपराम जाट, वार्ड नंबर 10, गोरखाना, खुईया थाना क्षेत्र, हनुमानगढ़ निवासी 49 वर्षीय श्रवण कुमार पुत्र भागीरथ जाट, दमदमा, ऐलनाबाद थाना क्षेत्र, सिरसा, हरियाणा निवासी 28 वर्षीय जगदीश उर्फ पहलवान पुत्र जगजोत सिंह, कगनपुर, सदर थाना क्षेत्र, सिरसा, हरियाणा निवासी 37 वर्षीय सुरजीत पंवार पुत्र बलवंत सिंह, मटोरिया वाली ढाणी, हनुमानगढ़ जाना निवासी 19 वर्षीय निखिल पुत्र सुरेंद्र जाट के रूप में हुई है।
-मिले राईफल, जिंदा कारतूस व हेरोइन: पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास एक 12 बोर राइफल, एक 32 बोर पिस्टल, 16 ज़िंदा कारतूस व 6.17 ग्राम हेरोइन यानी चिट्टा मिला। आरोपी बिना नंबर की स्कॉर्पियो एन गाड़ी में थे। पुलिस ने गाड़ी भी जब्त कर ली।
-बड़ी वारदात की जताई आशंका मगर..: एसपी नरेंद्र मीणा ने प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि आरोपी बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे। चूंकि 6 में से दो हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। जबकि तीन के खिलाफ मुकदमें दर्ज हैं।
वहीं हरियाणा वाले युवकों के आपराधिक रिकॉर्ड अभी हरियाणा पुलिस से मांगे गए हैं। आरोपियों के पास हथियार भी मिले, गाड़ी भी बिना नंबर की थी। ऐसे में जांच अधिकारी को गंभीरता से जांच के निर्देश दिए गए। आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
दूसरी तरफ पुलिस का यह भी कहना है कि हरियाणा निवासी युवकों हथियारों का लाइसेंस होने की बात कही है। आरोपियों ने कहा है कि उनके पास हरियाणा का आर्म्स लाइसेंस है। जबकि लाइसेंस अभी तक पेश नहीं किए गए हैं।
सवाल यह है कि लाइसेंस है जब भी इतनी बड़ी संख्या में कारतूस रखने की क्या आवश्यकता थी? वाहन भी बिना नंबरी था। हालांकि पुलिस के सामने अभी तक किसी वारदात की योजना का खुलासा नहीं हुआ है। अब पुलिस को यह आशंका है कि आरोपी ड्रग्स तस्करी के लिए आए होंगे।
-दो हार्डकोर, एक पर 43 मुकदमें: पुलिस के अनुसार सुनील उर्फ गोलू नोहर थाने का हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से 43 मुकदमें हैं। ये मुकदमें हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, अपहरण, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट, आबकारी, एससी-एसटी एक्ट के दर्ज हैं।
वहीं आरोपी रमेश उर्फ धोलू के खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, एससी-एसटी एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, चोरी सहित विभिन्न अपराधों के 12 मुकदमें दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त श्रवण के खिलाफ आर्म्स एक्ट, अपहरण, एससी-एसटी एक्ट, हत्या का प्रयास व मारपीट आदि के सात मुकदमें दर्ज है।
-रमेश के पास आए थे शेष आरोपी: पुलिस के अनुसार 4-5 आरोपी रमेश उर्फ धोलू के पास आए थे। आने का कारण अभी भी स्पष्ट नहीं हुआ। चूंकि मामला 43 मुकदमों वाले गोलू से भी जुड़ा है, इसलिए किसी बड़ी आपराधिक योजना के होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
अभी हरियाणा निवासी आरोपियों द्वारा आर्म्स लाइसेंस होने के दावे की पुष्टि होना शेष है। इसके बाद मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
-ये थी टीम: एसपी नरेंद्र मीणा के निर्देशन में थानाधिकारी लखवीर सिंह के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर रामकेर मय टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। रामकेर मय टीम में एएसआई राजाराम, हैड कांस्टेबल महेंद्र कुमार 2004, हैड कांस्टेबल केलम 63, हैड कांस्टेबल कृष्ण कुमार 26, कांस्टेबल मेघराज 1001 व कांस्टेबल लखविंदर सिंह 645 शामिल थे।
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