09 October 2026 11:38 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। अपराध की दुनिया में घुसना आसान है मगर एकबार घुस गये तो निकलना बेहद मुश्किल है। हालात यह हो जाते हैं कि अपराधी को भागते ही फिरना पड़ता है। बीकानेर पुलिस द्वारा पकड़े गये चार जिलों के वांटेड(वांछित) चालीस हजार के ईनामी डोडा सप्लायर कुदसू, पांचू निवासी मनीष भादू पुत्र भैराराम विश्नोई के साथ भी ऐसा ही हुआ। वह 2025 से पुलिस से बचता फिर रहा था।
-कौन है मनीष: मनीष भादू पर बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व फलौदी जिले के थानों में एनडीपीएस एक्ट के करीब 6-7 मुकदमें दर्ज हैं। पांच थानों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। जबकि तीन जिलों में ईनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार आरोपी मनीष बीकानेर के पांचू थाना क्षेत्र के कुदसू का रहने वाला है। पिछले कुछ वर्षों से डोडा सप्लायर बना हुआ है।
पिछले 1-2 वर्षों से बीकानेर की मुक्ताप्रसाद पुलिस, श्रीगंगानगर की राजियासर पुलिस व हनुमानगढ़ की टाउन पुलिस भी उसकी तलाश कर रही है। एसपी मृदुल कच्छावा ने उसके खिलाफ 25 हज़ार रूपए का ईनाम घोषित कर रखा था। वहीं हनुमानगढ़ के तत्कालीन एसपी हरिशंकर ने 5 हज़ार व श्रीगंगानगर के वर्तमान एसपी हरिशंकर ने 10 हज़ार का ईनाम घोषित कर रखा था।
-पांच बार दिया पुलिस को चकमा, अबकी बार फंस गया: पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद शातिर है। वह पांच बार पुलिस को चकमा देकर निकल गया। इस बार बीकानेर पुलिस ने फुलप्रूफ प्लानिंग कर रखी थी। एएसआई दीपक यादव पिछले चार माह से मनीष भादू के पीछे लगे थे। आख़िर वह पुलिस के हाथ लग ही गया।
-गाड़ी में घूमता, नित्यकर्म के लिए ही निकलता गाड़ी से: पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूरी फरारी गाड़ी में काटी। वह स्कॉर्पियो गाड़ी में नोखा, नागौर, जोधपुर, गुजरात से लेकर नेपाल तक गया। वह इतना शातिर है कि पूरी फरारी के दौरान बहुत कम ही गाड़ी से उतरा। वह नित्यकर्म अथवा किसी विशेष काम से ही गाड़ी से बाहर आता। वह फोन भी नहीं रखता। समय समय पर किसी से फोन मांगकर संपर्क कर लेता।
पुलिस को यह भी शक है की फरारी के दौरान भी उसने डोडा तस्करी ही की है। फरारी काटने में भी काफी पैसा खर्च हुआ होगा। उसकी गाड़ी तो अधिकतर समय चलती ही रहती।
बता दें कि आरोपी मनीष भादू को एएसपी चक्रवर्ती सिंह राठौड़ व सीओ सिटी अनुज डाल के सुपरविजन व डीएसटी प्रभारी सुरेंद्र पचार के नेतृत्व में एएसआई दीपक यादव के इनपुट पर अनुसंधान अधिकारी गौरव बोहरा मय टीम व डीएसटी टीम ने पकड़ा है। मनीष भादू को पकड़ने में सबसे एएसआई दीपक यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उल्लेखनीय है कि दीपक यादव डीएसटी व साईबर सैल के काफी चर्चित और खोजी पुलिसकर्मी कहलाते हैं। पिछले 8 साल में बीकानेर जिला पुलिस को मिली बड़ी सफलताओं में दीपक यादव का काफी बड़ा योगदान रहा है।
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