04 July 2020 04:35 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। अगर आप वीआईपी कोरोना मरीज़ हो तो अव्यवस्थाओं के लिए बदनाम कोविड सुपर स्पेशलिटी सेंटर में भी आपको शहरों के मंहगे प्राइवेट अस्पताल से अधिक सुविधाएं मिल सकती है। इन दिनों जस्सूसर गेट निवासी 57 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव ने कोविड सेंटर में कोहराम मचा रखा है। राम बजाज के रिश्तेदार बताए जा रहे इस मरीज़ के लिए जयपुर से रोज फोन आते हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री द्वारा वीसी के दौरान भी इस पॉजिटिव के बारे में फीडबैक लेने की बात सामने आ रही है। आंतरिक सूत्रों के मुताबिक इस पॉजिटिव को पहले 13 नंबर बेड अलॉट था, लेकिन बाद में 14 नंबर दिया जाना तय हुआ, इस भर पॉजिटिव के परिजन नहीं माने और एसी के आगे का बेड मांगा। जिसके बाद इन्हें 15 नंबर बेड अलॉट किया गया। वहीं इनके पास हर वक्त 5 लोग कुर्सियां लगाके बैठे रहने की सूचना भी है। आंतरिक सूत्रों के मुताबिक इन पांच सेवादारों में एक स्वीपर, एक अटेंडेंट व एक नर्सिंग केयर सहित दो अन्य स्टाफ हैं। ये अन्य दो स्टाफ पॉजिटिव के निजी स्टाफ हैं। इतना ही नहीं वीआईपी पॉजिटिव को देखने असिस्टेंट प्रोफेसर दिन में तीन बार आते हैं। वहीं अन्य मरीजों को रेजीडेण्ट देखते हैं वह भी एक बार। इसके अलावा अन्य सभी मरीजों के लिए प्रोटोकॉल के अनुसार स्वीपर, नर्सिंग केयर आदि है। एक सरकारी अस्पताल में इस तरह का भेदभाव बड़े सवाल खड़े करता है, वह भी जब तब उसी कोविड सेंटर के मरीजों को प्रोटोकॉल के अनुसार भी संभाला नहीं जाता।
RELATED ARTICLES
29 October 2026 10:28 PM
18 November 2023 11:28 PM