22 May 2026 03:16 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर।(पत्रकार रोशन बाफना की रिपोर्ट) चैक अनादरण के एक मामले में बीकानेर की एनआई एक्ट कोर्ट संख्या-1 की पीठासीन अधिकारी भारती पाराशर ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए चेक अनादरण के फर्जी केस लगाने वाले माफियाओं की जड़ों पर वार किया है। इस फैसले ने चेक अनादरण के फर्जी मामलों में फंसे निर्दोष नागरिकों में न्याय की उम्मीदें जगा दी है। मामला इमरान बनाम पपीन्द्र कौर प्रकरण से जुड़ा है। जिसमें आरोपी पपींद्र कौर पत्नी जगमाल सिंह को दोषमुक्त करार दिया गया है।
ये था मामला: रामपुरा बस्ती निवासी इमरान पुत्र अयूब खान ने 2013 में भीमनगर, मुक्ताप्रसाद नगर निवासी पपींद्र कौर पत्नी जगमाल सिंह के खिलाफ एन आई कोर्ट में चेक अनादरण का केस लगा दिया। जबकि पपींद्र कौर का इमरान से कोई लेनदेन ही नहीं था। ऐसे में चेक भी नहीं दिया था। नोटिस मिलने पर पपींद्र कौर ने नयाशहर थाने में इमरान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया। नयाशहर पुलिस की जांच में सामने आया कि पपींद्र मेडिकल डिपार्टमेंट में चपरासी है। उसका पति टैक्सी चालक है तथा शराबी है। उसने डेढ़ वर्ष पहले इमरान के पिता अयूब खां से पैसे उधार लिए थे। यह चेक पपींद्र के पति जगमाल ने अयूब को दिये, लेकिन पपींद्र को इसकी जानकारी नहीं थी। यह चेक चोरी-चोरी अयूब को दिए गए। इसी चेक को इमरान ने बाउंस करवाकर केस लगा दिया। नयाशहर पुलिस ने इमरान को दोषी माना।
पपींद्र कौर की ओर से मामले की पैरवी करने वाले एडवोकेट निर्मल व्यास के अनुसार इसी दौरान इमरान का निकाह होना था। इस वजह से इमरान के पिता अयूब ने राजीनामे का प्रयास किया। इमरान द्वारा चेक अनादरण का केस उठाने व चेक लौटाने की शर्त पर राजीनामा हुआ। पपींद्र ने नयाशहर थाने से मामला वापिस उठा लिया। लेकिन इमरान ने अनुबंध की शर्तों का उल्लघंन करते हुए चेक अनादरण का केस वापिस नहीं लिया। तभी से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था।
-इमरान ने लगा रखे थे 13 मुकदमें, पता नहीं चला आय का स्रोत: एडवोकेट निर्मल व्यास के अनुसार पपींद्र कौर की ओर से पैरवी करते हुए उन्होंने न्यायालय को बताया कि इमरान ने एनआई एक्ट को हथियार बना लिया है। उसने चेक अनादरण के कुल 13 केस कोर्ट में लगा रखे हैं। यह सभी केस फर्जी हैं। व्यास की ओर से इन फर्जी केसों के संबंध में दस्तावेज पेश किए गए।
इमरान द्वारा करीब 30 लाख रूपए के केस लगाए गए थे। न्यायालय ने आय का स्रोत पूछा तो इमरान आय का स्रोत ही नहीं बता पाया।
-पपींद्र सहित इन लोगों के चेक कराये बाउंस: एडवोकेट निर्मल व्यास के अनुसार इमरान ने पपींद्र सहित कुल 13 केस लगा रखे हैं। जबकि उसका कोई काम धंधा ही नहीं। ऐसे में उसके पास इतने पैसे आए कहां से। वह ब्याज का काम करता है। उसने दुर्गा देवी, इल्मुदीन, बल्ली सिंह, बलराज सिंह, सुगनचंद, भवानी सिंह, पवन कुमार, जेठाराम, दीपसिंह, वीणा आचार्य व संगीता पर चेक अनादरण का केस लगा रखा है। वीणा पर दो मुकदमें लगाए गये हैं।
-इमरान का पिता भी लगाता था मुकदमें: एडवोकेट निर्मल व्यास ने बताया कि इमरान ने कोर्ट में यह भी स्वीकार किया है कि उसके पिता अयूब खां ने भी चेक अनादरण के कई मुकदमें लगा रखे थे। बताया जा रहा है कि वह भी ब्याज का धंधा करते थे।
-संदेह का मिला लाभ, पपींद्र कौर दोषमुक्त: न्यायाधीश भारती पाराशर ने संपूर्ण सुनवाई के बाद पपींद्र कौर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। परिवादी इमरान आय के स्रोत नहीं बता पाया। मामले में काफी संदेहास्पद स्थितियां सामने आईं। कोर्ट ने दो लाख रुपए के इस केस में पपींद्र कौर को दोष मुक्त कर दिया है। मामले की पैरवी एडवोकेट निर्मल कुमार व्यास ने की।
-बीकानेर में भरे पड़े हैं फर्जी केस माफिया: ऐसा नहीं है कि इमरान पहला व्यक्ति है जिसने चेक अनादरण के 13 केस लगाए हों। बीकानेर के एन आई अदालतों में ऐसे फर्जी केस भरे पड़े हैं। ब्याज माफियाओं का यही काम है। उस पर भी मौत का ब्याज माफिया चेक का सबसे अधिक दुरूपयोग करता है। मौत का ब्याज यानी 5 रूपए 80 रूपए सैकड़ा ब्याज लेने वाले ब्याज माफियाओं से है। मौत का ब्याज माफियाओं के कब्जे में ऐसे अनगिनत चेक पड़े हैं।
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