13 June 2026 12:02 AM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। ठगों से सावधान, यह वाक्य आपने खूब सुना होगा। लेकिन लालच बुरी बला, यह वाक्य अधिक महत्वपूर्ण हैं। बीकानेर सहित देश के ऐसे ही लालची लोग बीकानेर के एक अंतर्राज्यीय ठग के चक्कर में फंसकर दो करोड़ 28 लाख रूपए गंवा बैठे।
मामला बीकानेर की साईबर थाना पुलिस से जुड़ा है। साईबर थाना पुलिस ने बंगला नगर, बीकानेर निवासी 28 वर्षीय चंपालाल सोनी उर्फ कालू पुत्र माणक चंद सोनी को गिरफ्तार किया है। साईबर थाने के पुलिस निरीक्षक रमेश सर्वटा ने बताया कि चंपालाल के खिलाफ पूरे देश में 30 शिकायतें हुई है।
साईबर पुलिस को जब पता चला तो साईबर थानाधिकारी आरपीएस शालिनी बजाज के निकटतम सुपरविजन में तहकीकात की गई। सामने आया कि आरोपी आला दर्जे का ठग है।
उसके खिलाफ पुख्ता सबूत मिले। जिस पर उसे डिटेन कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी चंपालाल उर्फ कालू ने ठगी करना स्वीकार कर लिया। जिस पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
-ये है ठगी का तरीका: आरोपी चंपालाल ने अपनी एक टीम बना रखी है। ठगी का यह खेल वह अपनी टीम के साथ मिलकर खेलता है। वह डिजिटल माध्यम से लोगों को शेयर इंवेस्टमेंट की टिप्स देता है। बड़ा लालच देता है। एक तरह से दिखावा शेयर ट्रेडिंग का सलाहकार होने का करते हैं।
जो व्यक्ति इनके झांसे में आ गया, उससे अपने करंट अकाउंट में पैसा डिपोजिट करवाते हैं। फिर यह पैसा किराए पर लिए गए विभिन्न अकाउंट्स में डलवाकर अलग अलग बैंकों से नकदी निकलवा लेते हैं।
एक तरफ शेयर ट्रेडिंग के चक्कर में लोगों को फंसाते हैं। दूसरी तरफ भोले भाले लोगों से अकाउंट किराए पर लेकर उन्हें भी फंसा लेते हैं। अकाउंट किराए पर देने वालों को पता ही नहीं रहता कि उनका अकाउंट म्यूल अकाउंट की श्रेणी में आ जाएगा।
-दो करोड़ 28 लाख की ठगी: रमेश सर्वटा ने बताया कि आरोपी चंपालाल सोनी ने महज 19 दिनों में 2 करोड़ 28 लाख रूपए की ठगी कर डाली। इस ठगी में तीन चार अन्य युवक भी चंपालाल के साथ हैं। पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों को पकड़ने की तैयारी में है।
-बैंक की ग़लती बनी ठगों का सहारा और लुट गये गरीब: इस पूरे मामले में सबसे गैर जिम्मेदाराना काम एक बैंक का माना जा रहा है। रमेश सर्वटा के अनुसार आरोपी चंपालाल ने सोनी बैटरी एंड सोलर सिस्टम नाम की फर्जी फर्म बनाई। यह फर्म जीएसटी में रजिस्टर्ड नहीं बताई जा रही। इस फर्जी फर्म से बीकानेर की एक बैंक में करंट अकाउंट खुलवा लिया। आमतौर पर अकाउंट नंबर पर पेमेंट करने की बात हो तो आम आदमी
आंख मूंदकर पेमेंट कर देता है, क्योंकि उसे लगता है कि हर बैंक अकाउंट साफ सुथरा ही होता है।
आमतौर पर यह भी देखा जाता है कि बैंक करंट अकाउंट खोलते समय फर्म का सत्यापन करते हैं। बिना सत्यापन उन्हीं ग्राहकों का बैंक अकाउंट खोला जाता है जिनसे बैंक पहले से वाकिफ होता है। विश्वसनीय ग्राहकों के अलावा बिना सत्यापन के करंट अकाउंट नहीं खोला जाता।
कमाल की बात यह है कि जिस बैंक ने चंपालाल की फर्जी फर्म का अकाउंट खोला उसने मौके पर जाकर सत्यापन करना तो दूर कागजों की जांच भी ढंग से नहीं की। अगर जांच होती तो फर्जी जीएसटी नंबर कैसे छुपा रही सकता था।
आशंका है कि बैंक ने मिलीभगत से चंपालाल की फर्जी फर्म का करंट अकाउंट खोल दिया हो। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पूछताछ व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद और भी खुलासे हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है उक्त कार्रवाई एसपी आईपीएस विशाल जांगिड़ के मार्गदर्शन, एएसपी सिटी चक्रवर्ती सिंह राठौड़ के निर्देशन व साईबर थानाधिकारी शालिनी बजाज के निकटतम सुपरविजन व पुलिस निरीक्षक रमेश सर्वटा के नेतृत्व में साईबर थाना व साईबर क्राइम रेस्पॉन्स सेल की टीमों द्वारा की गई है।
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