23 June 2020 10:13 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। राजस्थान बोर्ड की 10वीं व 12वीं कक्षा की पाठ्य-पुस्तकों में महाराणा प्रताप के अपमान पर बजरंग दल आक्रोशित हो गया है। आज बजरंग दल बीकानेर विभाग संयोजक दुर्गा सिंह शेखावत के नेतृत्व में बजरंगियों ने इन पाठ्यपुस्तकों में हिंदुओं के सूर्य व सभी भारतीयों के आदर्श महाराणा प्रताप व उनके पिता महाराणा उदय सिंह के बारे में अनर्गल व ग़लत जानकारियों को शामिल करने के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। दुर्गा सिंह ने एक अख़बार में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए कहा कि बोर्ड द्वारा संकलित किताब में उदय सिंह को बनवीर का हत्यारा बताया गया है जबकि इतिहासकार बताते हैं कि बनवीर मावली युद्ध में हार कर महाराष्ट्र की तरफ़ भाग गया था। वहीं नई पाठ्य पुस्तकों में बताया गया है कि महाराणा प्रताप में वीरता, शौर्य, पराक्रम, धैर्य व सैन्य कुशलता का नितान्त अभाव था जबकि सभी इतिहासकार चाहे वो अकबर के दरबारी लेखक बंदायूनी रचित मुन्तख़ाब-ऊत-तवारीख हो, अबुल फ़ज़ल रचित अकबर नामा हो, विदेशी इतिहासकार कर्नल जेम्स टाड रचित एनाल्स एण्ड एंटिक्यूटीज आँफ़ राजस्थान या अमरकाव्यम, राणा रासो, नेणसी री ख्यात, सगत रासो, राजप्रशस्ति, राज रत्नाकर हो, इन सभी के लेखक मुक्त कंठ से महाराणा प्रताप के अप्रतिम शौर्य, पराक्रम, वीरता, सैन्य कुशलता, धैर्य की प्रशंसा अपनी लेखनी में करते हैं। जेम्स टाड तो हल्दी घाटी के युद्ध को थर्मोपल्ली के युद्ध की संज्ञा देते है और सदियों से स्वदेश प्रेमी व स्वतंत्रता प्रेमी महाराणा को अपना आदर्श मानते आए हैं।
दुर्गा सिंह ने कहा कि वर्तमान राजस्थान सरकार द्वारा हिन्दुओं के गौरवशाली इतिहास को कलंकित करने का प्रयत्न किया जा रहा है जो असहनीय है। दुर्गा सिंह ने सरकार को चेतावनी दी है कि विषय की गम्भीरता को देखते हुए तुरन्त संज्ञान लेकर इन भ्रामक बातों को पाठ्यपुस्तकों से हटाएं, अन्यथा हिंदू समाज अपने पूर्वजों के सम्मान की ख़ातिर आंदोलन के पथ पर अग्रसर होगा।
ज्ञापन देने वालों में विजय सिंह जोधा, जितेन्द्र सिंह राजवी, छैलू सिंह मोडा, कैलाश चौधरी, भँवर पँवार, महेन्द्र सिंह आदि शामिल थे।
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