05 May 2021 01:32 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। कोरोना के कठिन समय में जब अस्पताल बंद है, बेड, ऑक्सीजन सहित जीवन रक्षक दवाओं की कमी आ गई है। डॉक्टर व चिकित्साकर्मी मानव जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में भी मरीज़ देख रहे सेवानिवृत्त वरिष्ठ चिकित्सक एस पी खत्री की क्लिनिक सीज करने व सफाई देने पर भड़क कर डबल जुर्माना ठोकने के मामले में एसडीएम मीनू वर्मा पर चिकित्सक वर्ग बिफर गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने जिलाधीश को पत्र लिखकर कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए सीज क्लिनिक पुनः खोलने की मांग की है। दरअसल, पुरानी गजनेर रोड़ पर डॉक्टर एस पी खत्री की क्लिनिक है। कोरोना काल में भी खुद को खतरे में डालकर वे यहां मरीजों को देखते हैं। मंगलवार को उनके चेंबर में दो तीन मरीज़ थे। वहीं क्लिनिक के बाहर मरीज़ व उनके परिजन मिलाकर करीब 50 लोग खड़े थे। इनका नंबर जैसे जैसे आ रहा थे, वे अंदर जा रहे थे। एसडीएम मीनू वर्मा यहां पहुंची तो नाराजगी जताई। वर्मा ने डॉक्टर से कहा कि आप कोरोना गाइडलाइन की पालना नहीं कर रहे हैं। एसडीएम ने अपने कर्मचारियों को पांच हजार का जुर्माना लगाने का आदेश दिया। डॉ खत्री के अनुसार उन्होंने एसडीएम के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि केबिन में सिर्फ दो मरीज़ हैं। सबने मास्क भी लगा रखा है। बाहर मरीज़ आ जाते हैं, तो उसमें वे क्या कर सकते हैं? इस पर एसडीएम नाराज हो गईं। नाराज़ होकर जुर्माना डबल करते हुए दस हजार कर दिया। खत्री ने बताया कि उन्होंने फिर सफाई देना चाहा तो उन्हें गिरफ्तार करने के आदेश कर दिए। बाद में गिरफ्तार तो नहीं किया मगर जुर्माना हाथों-हाथ भरने के लिए मजबूर कर दिया। क्लिनिक को भी सील कर दिया। हुआ यह कि डॉक्टर खत्री को पैसे उधार मंगवाकर जुर्माना भरना पड़ा। क्लिनिक भी पहले तीन दिन के लिए सील की थी, बाद में आगामी आदेशों तक सील करना लिख दिया।
कोटगेट पुलिस के अनुसार एसडीएम ने क्लिनिक पर कार्रवाई की थी। बाद में एडीएम सिटी के ऑफिस से फोन आने पर पुलिस टीम मौके पर गई। जहां एसडीएम मौके पर थीं। जिनके निर्देश पर सील की कार्रवाई पूर्ण करवाई गई।
बता दें कि डॉक्टरों ने बुरे समय में काम कर रहे सेवानिवृत्त डॉक्टर पर की गई कार्रवाई व गिरफ्तारी की धमकी को लेकर भारी नाराजगी जताई है। एसोसिएशन के डॉ एस एन हर्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि क्लीनिक में मरीज़ खाने पीने को नहीं आते। वे इलाज करवाकर तुरंत निकल जाते हैं। उन्होंने कहा है कि मरीजों के मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग ना पहनने के आधार पर अगर सेवा कर रहे डॉक्टरों पर ऐसी कार्रवाई व व्यवहार किया जाता है तो सरकारी व गैर सरकारी अभी अस्पतालों, लैबों सहित पीबीएम चिकित्सालय, सैटेलाइट व समस्त सरकारी चिकित्सालयों को सीज कर देना चाहिए। तर्क है कि इन सब जगहों पर रोज नियमों की धज्जियां उड़ रही है।


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