19 January 2026 05:14 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। (पत्रकार रोशन बाफना की विशेष रिपोर्ट) बीकानेर के पीबीएम में किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर का सपना दो साल से अधरझूल में लटका हुआ है। न्यूनतम खर्च पर किडनी ट्रांसप्लांट की उम्मीदें बार बार टूटती जा रही है। मरीज और परिजन इससे खासे परेशान हैं।
आख़िर क्या वजह है कि सरकार से हरी झंडी मिलने के बावजूद अब तक किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर शुरू नहीं हो पाया है। सरकार ने करीब दो साल पहले ही हरी झंडी दे दी थी। वहीं ट्रांसप्लांट हेतु जयपुर की टीम भी तैयार बताई जा रही है। इस टीम में एस एम एस अस्पताल सहित अन्य प्रसिद्ध अस्पतालों के एक्सपर्ट शामिल होंगे।
-ना समय पर ट्रेनिंग, ना ही तैयार हुआ आईसीयू: बताया जा रहा है कि सरकार से हरी झंडी मिलने के बावजूद यूरोलॉजी विभाग द्वारा लगातार ढ़िलाई की जा रही है। यहां की टीम अब तक ट्रेनिंग भी नहीं ले पाई है। ट्रेनिंग जाने में ही देर की गई।
दूसरी तरफ, किडनी ट्रांसप्लांट हेतु विशेष इकाई भी अभी तक तैयार नहीं की गई है। किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर बेहद संवेदनशील होता है। इस हेतु ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू व रिकवरी रूम ही अभी तक तैयार नहीं है। वहीं सु-प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ भी तैयार नहीं है। किडनी ट्रांसप्लांट के मामले में सबकुछ बेहद हाईजेनिक होना चाहिए। वजह, ट्रांसप्लांट के बाद संक्रमण के आसार बेहद अधिक होते हैं। ऐसे में किसी की एंट्री भी तीन चरणों में होती है। पब्लिक एंट्री बिल्कुल नहीं होती। आमतौर पर मरीज परिजनों को भी आईसीयू में जाने नहीं दिया जाता। बस निर्धारित व्यक्ति निर्धारित समय पर जा सकता है। प्रोटोकॉल के तहत अंदर जाने वालों को किट पहननी होती है।
-यूरोलॉजी की बिल्डिंग ही नहीं हुई तैयार, कमजोर निर्माण भी: पता चला है कि यूरोलॉजी विभाग की बिल्डिंग ही आज तक पूरी तैयार नहीं हो पाई। वर्षों पहले पीपीपी मोड पर इसे तैयार करवाने का प्रॉजेक्ट तय हुआ। लेखक सबकुछ आनन फानन में खानापूर्ति की तरह किया गया। बात गुणवत्ता की हो या काम पूरा करने की, दोनों ही बिंदुओं पर गड़बड़झाला बताया जा रहा है। ऐसे में किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर शुरू ना होने के पीछे एक बहाना यह भी काम आ रहा है।
-क्या शुरू नहीं करना चाहते ट्रांसप्लांट ईकाई: जिस तरह से किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर शुरू करने की प्रक्रिया लगातार धीमी रखी जा रही है , उससे शक गहरा रहा है। अंदरखाने, चर्चा यह भी है कि यूरोलॉजी डिपार्टमेंट ट्रांसप्लांट सेंटर शुरू करवाने में ज्यादा रूचि नहीं ले रहा है। बहरहाल, जो भी कारण हो, यह किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। अब देखना यह है कि कब तक इस प्रॉजेक्ट को शुरू करवाया जाता है।
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