10 June 2026 06:05 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। (पत्रकार रोशन बाफना की विशेष रिपोर्ट) कहावत है- अंधेर नगरी, चौपट राजा जबकि वर्तमान हालातों में कहावत यूं होनी चाहिए कि अंधी जनता, चौपट नगरी। जनता पर वार इसलिए क्योंकि पीड़ा जनता की है और जनता ही चुप है। चुप रहने वालों का कब भला हुआ है। वह सिर्फ राजा (वर्तमान में जनप्रतिनिधि) के भरोसे है कि वह कुछ करवाएगा। और मारवाड़ी में वो कहावत है ना -"भरोसे री भैंस पाडा जिणे"।
बहरहाल, इस बार की पीड़ा गंगाशहर के वार्ड नंबर 26 से आई है। चोपड़ा बाड़ी के इस इलाके में सीसी रोड़ बननी थी। 50 लाख रूपए की सीसी रोड़ का टेंडर भी हो गया। टेंडर मिला रामनिवास नाई की नारायण कंस्ट्रक्शन कंपनी को। लेकिन जनता के दुख फिर भी कहां मिटने थे। जनता ने बताया है कि ठेकेदार ने यहां एक माह से सड़कें खोद रखी है। आवागमन मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासी प्रहलाद पंचारिया के अनुसार ठेकेदार व एईएन विक्रम विश्नोई से लेकर ऊपर तक गुहार लगा ली मगर कोई समाधान नहीं हुआ। 4 दिनों का काम एक माह तक शुरू ना होना सवाल खड़े करता है।
ख़बरमंडी न्यूज़ ने पीडब्ल्यूडी के एसी डॉ वीके गहलोत से बात की। एसी ने बताया कि ठेकेदार के पास प्लांट और मेटेरियल नहीं थे। ऐसे में गुणवत्ता कार्य संभव नहीं था। इसलिए काम रोकना पड़ा। एईएन विक्रम विश्नोई ने कहा कि हमने ठेकेदार को पहले ही समझाया था कि पहले प्लांट और मेटेरियल की व्यवस्था कर लो, फिर काम शुरू करना। लेकिन ठेकेदार ने पहले ही खुदाई शुरू कर दी। खुदाई किए हुए एक माह से ऊपर हो गया है। डामर की कीमतें बढ़ने की वजह से सीसी रोड़ अधिक बन रही है, इस वजह से प्लांट नहीं मिल पा रहे। हम शीघ्र ही प्लांट व मेटेरियल की व्यवस्था करवाकर काम शुरू करवा देंगे।
बता दें कि डामर की किल्लत से कीमतें बढ़ी है, लेकिन उसका असर सीसी रोड़ पर नहीं पड़ा है। डामर वाली सड़कों की जगह ब्लॉक वाली सड़कें बन रही है। ऐसे में प्लांट ना मिलने की बात बहाना ही प्रतीत होती है।
ख़ैर, सवाल यह है कि जब ठेकेदार के पास साधन-संसाधन ही नहीं थे तो सड़क ही क्यों खोदी गई। पहले साधन-संसाधन लाते, फिर काम शुरू करते। बताया जा रहा है कि नारायण कंस्ट्रक्शन कंपनी ने ठेका लिया है। मगर इसमें भागीदार सिर्फ रामनिवास नाई नहीं बल्कि छैलू आदि दो तीन व्यक्ति और हैं।
उल्लेखनीय है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब सड़कें खोद कर काम बीच में ही छोड़ दिया गया हो। पिछले नवरात्र के समय गंगाशहर के गांधी चौक को भी इसी तरह खोदकर छोड़ दिया गया था। नवरात्र निकल जाने पर भी काम नहीं हुआ। आख़िर ख़बरमंडी न्यूज़ ने मुद्दा उठाया और स्थानीय युवकों ने आंदोलन किया, तब जाकर दीवाली से ठीक पहले काम पूर्ण करवाया गया।
अब देखना यह है कि इस बार कितने दिनों में काम करवाया जाता है। जनता के साथ खेलना अब आम बात हो गई है। इन सारी अव्यवस्थाओं में ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत रहती है। देखें वीडियो
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