18 August 2021 10:59 AM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। तीन लाख रूपए के चैक अनादरण के एक मामले में बीकानेर की एन आई एक्ट-3 कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को सजा सुनाई है। मामला बद्रीदत्त व्यास व आरोपी जेठमल सुराणा के बीच 2012 से 2015 में हुए लेन-देन से जुड़ा है। एडवोकेट निर्मल व्यास के अनुसार बड़ा बाजार निवासी जेठमल सुराणा पुत्र सुमेरमल ने लखौटिया चौक निवासी बद्रीदत्त व्यास पुत्र वल्लभ दत्त से व्यापारिक जरूरत के हिसाब से तीन लाख रूपए लिए थे। निश्चित समयावधि के बाद भी रूपए नहीं लौटाए तो 2017 में परिवादी ने चैक बैंक में डिपोजिट करवाया। चैक अनादरित हो गया। जिस पर परिवादी ने आरोपी को लिगल नोटिस जारी करवाया। इसके बाद भी पैसे नहीं लौटाए गए। जिस पर एन आई कोर्ट की शरण ली गई।
एडवोकेट निर्मल व्यास ने बताया कि मामले की सुनवाई करते हुए एन आई एक्ट-3 की अंशिका दिनकर की अदालत ने जेठमल को दोषी मानते हुए ब्याज व हर्जा खर्चा सहित चार लाख रूपए के अर्थ दंड व एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। चार लाख रूपए अदा ना करने की स्थिति में आरोपी को एक साल का साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। वहीं एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि परिवादी की तरफ से पैरवी करने वाले एडवोकेट निर्मल व्यास एन आई एक्ट से जुड़े मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता माने जाते हैं।
RELATED ARTICLES
19 April 2024 03:36 PM